चंडीगढ़. सेक्टर-21 यूनिवर्सल कोआपरेटिव हाउस बिल्डिंग फस्र्ट सोसायटी लिमिटेड सेक्टर-48 में सील एक फ्लैट पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। दो दिन बीतने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी घटना से अनजान हैं। सोसायटी के पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। गौरतलह है कि कोआपरेटिव सोसायटियों के ज्वाइंट रजिस्ट्रार एनपीएस रंधावा ने 27 जनवरी को फ्लैट (नंबर 1176) को सील करने के निर्देश दिए थे।
इसी दिन शाम को दो इंस्पेक्टरों मलकीत सिंह और सुरेश कुमार मिगलानी ने सोसायटी के अध्यक्ष दविंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष सुरजीत चौधरी और खजांची दविंद्र शर्मा की मौजूदगी में फ्लैट को सील कर दिया था। इस बारे में फ्लैट की एंट्रेंस के दरवाजे पर इस आशय का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। यह कार्रवाई सोसासटी के पदाधिकारियों की शिकायत पर हुई थी।
आरोप लगाया गया है कि 28 जनवरी को फ्लैट की सील खोलकर हरसिमरत कौर ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया। सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि वर्ष 2003 में विंग कमांडर आरआर शर्मा इसके सदस्य बने। उन्होंने अपनी पत्नी सरोज शर्मा को नोमिनी बनाया। शर्मा ने फ्लैट लेने के लिए कुछ रकम भी जमा करा दी थी लेकिन ड्रा से पहले उनकी मौत हो गई। ड्रा में उनका नाम आने पर सोसायटी के सदस्यों ने यह फ्लैट उनकी पत्नी के नाम पर ट्रांसफर करने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
सरोज शर्मा के नाम फ्लैट ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू थी कि सोसायटी में दो एडमिनीस्ट्रेटर लगा दिए गए। एडमिनीस्ट्रेटर अमरजीत सिंह और ऊधम सिंह ने यह फ्लैट हरसिमरत कौर को अलॉट कर दिया। जबकि हरसिमरत कौर वर्ष 2003 में सोसायटी में निकला अपना फ्लैट सरेंडर कर जमा कराई गई रकम वापस ले चुकी हैं। उन्होंने ए कैटेगरी की सदस्यता सरेंडर की थी लेकिन बाद में बी कैटेगरी की सदस्यता देकर फ्लैट अलॉट कर दिया गया जबकि यह फ्लैट सरोज शर्मा को अलॉट होना चाहिए था।
सदस्यों के मुताबिक 31 दिसंबर 2008 को नई कमेटी ने अपना पदभार संभाला। बावजूद इसके एडमिनिस्ट्रेटर ने 7 जनवरी 2009 को हरसिमरत कौर को फ्लैट का कब्जा दे दिया। सरोज ने इस पर पूर्व प्रशासक एसएफ रोड्रिग्स से भी मुलाकात की थी। रोड्रिग्स ने सरोज को इंसाफ दिलाने के अफसरों को निर्देश दिए थे। पदाधिकारियों ने हरसिमरत कौर के अलाटमेंट को रद्द करने की मांग की है। कोआपरेटिव सोसायटीज के ज्वाइंट रजिस्ट्रार रंधावा के मुताबिक उन्होंने तीन दिन पहले ही यूनिवर्सल इन्क्लेव में फ्लैट सील करने के निर्देश दिए है। इसकी सील खोले जाने की जानकारी नहीं है। अगर सील अवैध ढंग से खोली गई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।










