इंदौर. विभागों के बंटवारे के बाद महापौर परिषद के सदस्य शुक्रवार को पूरे दिन केबिन की लड़ाई लड़ते रहे। नए केबिन के मोह में कुछ अफसर भी इस कदर पड़े कि उन्होंने पुराने एमआईसी सदस्यों के चेंबर हथियाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।
सिटी इंजीनियर हंसकुमार जैन ने ललित पोरवाल के अप-टू-डेट चेंबर पर कब्जा जमाकर पुराना केबिन जवाहर मंगवानी के लिए छोड़ दिया। सुबह साढ़े 11 बजे से एक के बाद एक एमआईसी सदस्यों ने केबिन के लिए अनोखी लड़ाई लड़ी। खाद्य समिति प्रभारी स्वाति शर्मा के समर्थकों ने चंदू शिंदे के पुराने केबिन पर अपनी तख्ती लगाकर उसे रिजर्व करने का प्रयास किया तो अजयसिंह नरुका ने पूर्व सदस्य अनिल बिंदल के केबिन पर दावा ठोंका।
शिक्षा समिति प्रभारी गोपाल मालू सभापति शंकर यादव के पुराने केबिन में परदे और कुर्सियां बदलवाने के आदेश देते नजर आए। इसके बाद सुरेश कुरवाड़े के समर्थक इस चेंबर में घुसे और प्रभारी बाजार समिति का लेवल कुर्सी टेबल पर लगाकर चलते बने। जाते-जाते कह गए कि श्री कुरवाड़े इसी चेंबर में बैठेंगे। मुन्नालाल यादव के समर्थकों ने विवाह पंजीयन कार्यालय में बैठे कर्मचारियों को श्री यादव का चेंबर बनेगा कहते हुए भगा ही दिया। वहीं, महिला बाल विकास प्रभारी पद्मा भोजे दिशाओं के फेर में पड़कर तय नहीं कर पाई कि कौन से केबिन में उन्हें बैठना चाहिए। दिलीप शर्मा पुराने सदस्य के केबिन में बैठने से मना कर गए। कहते हैं उन्हें निगम सचिव रणवीर कुमार का केबिन पसंद आ गया है।










