इंदौर. पेंशन आयोग ने सहकारी साख संस्थाओं से पांच साल में वितरित की गई पेंशन की पाई-पाई की जानकारी मांगी। इसमें पेंशन लेने वाले व्यक्ति का न सिर्फ नाम बल्कि पता और उम्र का उल्लेख करना होगा। कितनी राशि संस्था को आवंटित हुई, कितनी बांटी, बची राशि का क्या किया? इसका उल्लेख भी उन्हें विवरण में करना जरूरी होगा।
पेंशन आयोग ने दूसरे दिन भी शुक्रवार को रेसीडेंसी में सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एन.के. जैन बारी-बारी से 20 से ज्यादा सहकारी साख संस्थाओं के प्रबंधक-प्रतिनिधि से मिले। आयोग ने 11 मार्च से पहले सभी को जानकारी देने के लिए कहा। जस्टिस श्री जैन के मुताबिक आयोग ने सहकारी संस्थाओं के अलावा यह जानकारी नगर निगम से भी मांगी है।
20 से ज्यादा संस्थाओं के पदाधिकारी मिले
शुक्रवार को नंदानगर सह. साख संस्था, राजपूत साख संस्था, माधव सह. साख संस्था, भाग्यशाली सह. साख संस्था, जीवन ज्योति सह. साख संस्था, बाणोश्वरी सह. साख संस्था, भागीरथपुरा सहकारी साख संस्था, परस्पर सहकारी साख संस्था, आजाद हिंद सहकारी साख संस्था, स्वयंसिद्ध महिला सहकारी साख संस्था, महाराष्ट्र ब्राह्मण सहकारी साख संस्था आनंदनगर, खातीपुरा और लोकमान्यनगर, आदिनाथ सहकारी साख संस्था, छत्रपति शिवाजी सहकारी साख संस्था, इंदूर परस्पर सहकारी साख संस्था सहित 20 संस्थाओं के पदाधिकारी,प्रतिनिधि आयोग के अध्यक्ष श्री जैन से मिले। कुछ के उपस्थित
नहीं हुए। आयोग ने सभी संस्थाओं से सन् 2001 से लेकर 2005 तक की जानकारी मांगी है।










