जयपुर. प्रदेश में मौजूदा नेशनल हाई वे के विकास और विस्तार पर 12,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वर्णिम चतुर्भुज में शामिल दिल्ली मुंबई हाई वे के राजस्थान में से निकलने वाले हिस्से पर 4270 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
राज्य के दस प्रमुख हाई वे में से तीन को चार से छह लेन का और छह को चार लेन किया जा रहा है। एक मार्ग 2 लेन पेव्ड करना प्रस्तावित है। दिल्ली से मुम्बई तक पूरा मार्ग 6 लेन करना प्रस्तावित है। जयपुर से किशनगढ़ तक का मार्ग 6 लेन हो चुका है। गुड़गांव से जयपुर तक 6 लेन का काम शुरू हो चुका है। विस्तार में सबसे महत्वपूर्ण किशनगढ़ से भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ उदयपुर होते हुए रतनपुर तक के 427 किमी के मार्ग को माना जा रहा है।
उदयपुर तक के हिस्से के लिए वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। किशनगढ़ से ब्यावर तक 6 लेन करने के लिए मई, 09 में वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। जयपुर से टोंक-देवली और कोटा तक के मार्ग को 4 लेन किया जाएगा। इसके आगे कोटा से झालावाड़ तक 2 लेन पेव्ड रोड बनाई जा रही है। जयपुर से रींगस और सीकर तक नेशनल हाई वे को 4 लेन किया जा रहा है। रींगस तक वर्क ऑर्डर हो चुका है। ब्यावर से पिंडवाड़ा तक 4 लेन मार्ग किया जा रहा है।
राजस्थान की सड़कों के विकास के लिए केंद्र विशेष रुचि दिखा रहा है। इससे राज्य का विकास होगा।
एनके शर्मा, सीई (एनएच), पीडब्ल्यूडी










