इंदौर. मरीज के पेट पर एक चिप चिपका दी जाएगी। इससे 24 घंटे मरीज के शरीर में बन रहे ग्लूकोज की मॉनीटरिंग रिकॉर्ड होती रहेगी। तीन दिन बाद चिप को निकालकर कम्प्यूटर के साथ अटैच कर दिया जाएगा और इसमें दर्ज हुए रिकॉर्ड का प्रिंट लिया जाएगा। इसे कंटीन्यू ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (सीजीएमएस) कहा जाता है।
स्कीम-56 में डायबिटीज, थायराइड और हार्मोनल बीमारियों के इलाज के लिए रविवार को टोटल (ट्रीट टू टारगेट एंड लीव लॉन्गर) डायबिटीज-हार्मोनल इंस्टिट्यूट शुरू हो रहा है। यह देश का पहला ऐसा इंस्टिट्यूट है जहां डायबिटीज के मरीजों का सतत परीक्षण होगा। डायबिटीज के चार मरीज उद्घाटन करेंगे। टोटल के डायरेक्टर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. सुनील एम. जैन बताते हैं विभिन्न स्पेशलिस्ट यहां एक ही छत के नीचे मिल जाएंगे।
डॉ. जैन कहते हैं टोटल में उनके साथ डॉ. किरनेश पांडे और डॉ. अजय गुप्ता बतौर स्पेशलिस्ट काम करेंगे। इनके अलावा दो एमडी और कुछ एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम रहेगी। कुल 110 लोगों का स्टाफ होगा। 10 डायटीशियन मरीजों का डाइटचार्ट बनाने से लेकर मेडिकल मैनेजमेंट व फॉलोअप लेंगे।
नि:शुल्क बीपी जांच
टोटल में यूएसएफडी से मान्यता प्राप्त ऐसी मशीनें लगाई गई हैं, जिसमें मरीज को अपनी बाह सामने करनेभर से ब्लड प्रेशर की जांच एक स्लिप में मिल जाएगी। इस स्लिप पर बीपी, पल्स के साथ समय लिखा होगा। मरीज के साथ आने वाले अटेंडेंट भी यह जांच नि:शुल्क कर सकेंगे। यहां सेल्फ मॉनिटरिंग सेक्शन भी होगा।
प्लान करेगा सिक्योर
डॉ. जैन कहते हैं मरीजों के लिए हम एक साल का सिक्योर प्लान लाए हैं। इसमें प्राथमिक जांच व परामर्श के बाद मरीज को हर तीन माह में अगली जांच के लिए बुलाया जाएगा। मरीज अगर कहीं कमजोर पड़ रहा होगा तो उस पर टीम काम करेगी। इसके लिए सालभर में एक बार ही पेमेंट लिया जाएगा।











