Wednesday, Feb 3rd, 2010, 6:44 am [IST]  
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danik bhaskarफेल थे, पास की मार्कशीट दे दी

भास्कर न्यूज

जयपुर. इंजीनियरिंग पास करके जब दो छात्र राजस्थान यूनिवर्सिटी में डिग्री लेने पहुंचे तो वे हैरान रह गए। उनको डिग्री देने से इसलिए मना कर दिया गया कि वे 2006 में चौथे सेमेस्टर में पास नहीं, फेल थे।



यूनिवर्सिटी 3 साल से सोई रही और अब बताया जा रहा है कि पहले किन्हीं कारणों से उन्हें पास घोषित कर दिया था। ये उदाहरण तो एक बानगी भर हैं। मनोज व अमित ने बताया कि डेढ़ माह चक्कर कटवाने के बाद उन्हें यह जानकारी दी गई। उन्होंने मिन्नतें कर अन्य छात्रों की टीआर शीट देखी तो पता चला कि ऐसे सैकड़ों छात्र हैं।



यह मेरे समय का मामला नहीं है। पहले क्या हुआ मुझे नहीं पता, लेकिन यूनिवर्सिटी की गलती अब पकड़ में आई है तो जो सही परिणाम है, वही मान्य होगा। यूनिवर्सिटी अब इसमें कुछ नहीं कर सकती। सिंडीकेट की राय बिना कुछ भी बदलाव नहीं कर सकते।



पी.एल. रैगर, परीक्षा नियंत्रक, राजस्थान यूनिवर्सिटी



यूनिवर्सिटी ने नियमानुसार ही परिणाम बनाया होगा। शिकायत आते ही विचार करेंगे। पास को फेल कैसे कर सकते हैं?



प्रो. एडी सावंत, कार्यवाहक कुलपति, राजस्थान यूनिवर्सिटी



राजस्थान विश्वविद्यालय ने तीन साल रखा अंधेरे में, नौकरी लगने के बाद छात्र डिग्री लेने पहुंचे तो हुआ खुलासा



केस 1



बीएमआईटी के छात्र मनोज चौधरी ने गत अक्टूबर में इंजीनियरिंग पास की। उसके आठवें सेमेस्टर में 82 फीसदी अंक आए। 2006 में चौथे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी, जिसकी अंकतालिका में उसके 62 फीसदी अंक थे, लेकिन डिग्री की ओवरऑल तालिका लेने गया तो कहा गया कि वह चौथे सेमेस्टर में फेल है। उसे इस साल फिर परीक्षा देनी पड़ेगी।
यूनिवर्सिटी से उसका बस एक ही सवाल है कि वे चौथे सेमेस्टर में फेल की जानकारी पहले देते तो वह अब तक बकाया पेपर की परीक्षा देकर पास हो जाता। वह पिछले छह माह से कई कम्पनियों में आवेदन कर चुका है, कुछ का ऑफर भी मिला है।



केस 2



पिछले एक साल से यूपी में एक टेलीकॉम कम्पनी में कार्यरत अमित कुमार सिंह ने बताया कि उसके आठवें सेमेस्टर में 73 फीसदी व 2006 के चौथे सेमेस्टर में 58 फीसदी अंक आए, लेकिन अब राजस्थान यूनिवर्सिटी ने कह दिया कि वह चौथे सेमेस्टर में फेल है। उसका देश की नामी टेलीकॉम कम्पनी जीटीएल में चयन हो चुका है। वह इस आस में था कि इंजीनियरिंग की तालिका पाते ही ज्वॉइन करेगा। हालांकि 5वें सेमेस्टर में उसको एक विषय का बैक पेपर फरवरी में देना है, जिसकी अंकतालिका अप्रैल में मिल जाती, लेकिन चौथे सेमेस्टर में फेल करने से पेपर जुलाई में होगा और तालिका नवंबर तक मिलेगी।

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