..और निखरेगा मानसागर झील का सौंदर्य
जयपुर. दुर्लभ प्रजाति के देसी विदेशी परिंदों को आकर्षित करने के लिए मानसागर झील का सौंदर्यन किया जाएगा। झील में सीवरेज के पानी को बंद किया जाएगा। यहां भरतपुर के घना से घास लाई जाएगी। परिंदों के प्रजनन के लिए यहां पेड़ पौधे लगा कर टापू बनाए जाएंगे।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने नगरीय विकास विभाग, पर्यटन विभाग, जेडीए, नगर निगम के अफसरों के साथ बुधवार मानसागर झील का दौरा किया। उल्लेखनीय है कि मानसागर झील की दुर्दशा पर 2 फरवरी को भास्कर में खबर छपी थी। धारीवाल ने झील में जा रहे गंदे पानी, किनारों पर जमा काई (एलगी) को देख कर नाराजगी जताई। साथ ही जेडीए के अफसरों को झील में सीवरेज के पानी को रोकने का इंतजाम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जोर दिया कि यह कार्य राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व कर लिया जाए जिससे बड़ी संख्या में जयपुर आने वाले पर्यटकों को साफ सुथरी झील का नजारा दिख सके। उनके साथ मेयर ज्योति खंडेलवाल, नगरीय विकास सचिव जी.एस. संधू, निगम के सीईओ ललित मेहरा, जेडीए आयुक्त सुधांश पंत, पर्यटन सचिव ऊषा शर्मा समेत निगम और जेडीए के कई अधिकारी मौजूद थे। जलमहल रिसोर्ट के आर्किटेक्ट राजीव लूकड़ ने नगरीय विकास मंत्री और अधिकारियों को सुझाव दिए कि झील के संरक्षण के लिए एक कमेटी बना दी जाए। इसमें पर्यावरणविद्, सरकार के प्रतिनिधि, विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
ऐसे होगा सौंदर्यन
झील में नागतलाई, गुर्जर बस्ती, ब्रrापुरी, गोविन्दनगर, रामगढ़ मोड़ का सीवरेज का पानी रोकने के लिए इन मकानों का सीवर कनेक्शन मुख्य लाइन में कराया जाएगा। नगरीय विकास सचिव जी.एस. संधू ने वहां मौजूद निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित मेहरा को निर्देश दिए। जेडीए यहां से जाने वाले गंदे पानी को आगे ड्रेनेज के लिए बनाए गए बड़े नाले में मिलाएगा।
जलस्तर बढ़ेगा
झील में पानी का स्तर बढ़ाने के लिए ब्रrापुरी में लगाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से अभी 3 करोड़ लीटर पानी रोजाना छोड़ा जा रहा है, जबकि यहां जरूरत रोजाना 10 करोड़ पानी की है। सीवर कनेक्शन के बाद ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की मात्रा बढ़ेगी।
कचरा डालने से रोकेंगे
निगम और जेडीए यहां पर झील में कचरा डालने से रोकने का इंतजाम करेंगे। यहां चारों तरफ जालियां लगाई जाएंगी। ठेले वालों का कचरे के लिए एक स्थान बनाया जाएगा।










