सभी डिपो के ठप ऑटो सिस्टम
जयपुर. आईओसी डिपो में लगी आग की जांच के लिए बनी लाल कमेटी ने जिस स्वचालित सुरक्षा प्रणाली (आटोमैटिक सिस्टम) और स्विच को छह साल से बंद होने को हादसे की बड़ी वजह माना है, उसकी हकीकत यह है कि यह सुरक्षा सिस्टम जयपुर ही नहीं पूरे देश के आईओसी डिपो में बंद पड़े हैं।
यह सुरक्षा सिस्टम ऑयल डिपो में लगाए तो गए हैं लेकिन इसके इस्तेमाल पर आईओसी की सेंट्रल यूनिट ने ही रोक लगा रखी है। यह कहना है जयपुर स्थित आईओसी डिपो के जरनल मैनेजर जेपी सिंह का। बकौल सिंह, डिपो में इस सिस्टम का इस्तेमाल कभी किया ही नहीं गया है और इसकी जानकारी हर बार सुरक्षा आडिट में भी दी गई है।
वहीं, हादसे के दौरान जयपुर में आईओसी के जीएम रहे गौतम बोस जांच रिपोर्ट से उलट नई कहानी कह रहे हैं। उनके मुताबिक डिपो में कोई आटोमैटिक सिस्टम था ही नहीं। भास्कर ने जब कहा कि रिपोर्ट में हादसे की वजह आटोमैटिक सिस्टम के स्विच का छह साल से बंद होना माना है तो बोस ने कहा- उन्होंने अभी रिपोर्ट नहीं देखी है। आटोमैटिक सिस्टम पूरे देश में बंद होने के बारे में आईओसी के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया से उनके आफिस के फोन नं. 01126260101 पर संपर्क किया तो जवाब मिला कि वे बाहर गए हुए हैं।
भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार आईओसी डिपो के अंदर लगे आटोमैटिक सिस्टम को दरअसल डिपो का हिस्सा ही नहीं माना जाता है। यही कारण है कि इसके बंद रहने के बावजूद न तो किसी ने आपत्ति जताई, न ही किसी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
आईओसी सूत्रों की मानें तो सुरक्षा इंतजाम को डिपो के अंदर सबसे कम प्राथमिकता वाला क्षेत्र माना जाता है। यही नहीं, पीएसयू में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारी को सुरक्षा की जांच-परख की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। पेट्रोलियम इंडस्ट्री के एक्सपर्ट सुधीर बिष्ट की मानें तो अगर कोई व्यक्ति पेट्रोलियम सेक्टर में पीएसयू में सुरक्षा विभाग में है तो यह मान लिया जाता है कि उसे वह पद दंड के रूप में दिया गया है।
..जबकि मिले हैं सुरक्षा पुरस्कार
आईओसी हादसे से 9 दिन पहले यानी पिछले साल 20 अक्टूबर को पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कंपनी को सुरक्षा उपायों के चार प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा था। इन्हें ऑयल इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टरेट अवॉर्डस कहा जाता है। आईओसीएल की मार्केटिंग डिवीजन को मोस्ट सेफ ऑयल मार्केटिंग कंपनी का पुरस्कार दिया गया था। कंपनी को 2009 के सेफ्टी इनोवेशन अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। अब ऐसे में आईओसी को दिए पुरस्कारों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि जब डिपो में लगाए गए सुरक्षा के आटोमेटिक उपकरण सालों से बंद हैं तो फिर कंपनी को सेफ्टी इनोवेशन अवॉर्ड क्यों दिया गया। पुरस्कार लेने वाले आईओसी के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया लाल कमेटी की रिपोर्ट के बाद क्या हादसे की जिम्मेदारी भी लेंगे।










