अब वॉटरप्रूफ होंगे ठाकरे नगर के तंबू
इंदौर. अधिवेशन स्थल पर खड़े किए जा रहे तंबुओं को वॉटरप्रूफ करने का निर्णय लिया है। गुरुवार सुबह-सुबह हुई बारिश ने पार्टी नेताओं को चिंता में डाल दिया। पौने छह बजे बरसते पानी में प्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को व्यवस्था देखने ठाकरेनगर जाना पड़ा।
कार्यकर्ताओं के साथ पूरे परिसर का जायजा लेने के बाद उन्होंने 25 वीवीआईपी और 200 वीआईपी तंबुओं के साथ साधारण प्रतिनिधियों के ज्यादा से ज्यादा तंबू वॉटरप्रूफ करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा इसके साथ मुख्य पंडाल, प्रदर्शनी, मीडिया सेंटर, भोजनशाला सहित कीमती सामान वाले तंबुओं को भी वॉटरप्रूफ बनाया जाएगा।
गुरुवार को मौसम के बदले मिजाज ने इंदौर से दिल्ली के नेताओं की नींद उड़ा दी। 17 से 19 फरवरी के बीच बारिश की कल्पना से ही पार्टी नेता डरने लगे हैं। श्री विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि बारिश की संभावना पर पहले विचार नहीं किया गया था लेकिन अब कोई जोखिम नहीं लेंगे। वैसे भी फरवरी में मावठे की संभावना रहती है और इसी के मद्देनजर अब सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
उन्होंने कहा गांव के रूप में सजाए जा रहे अधिवेशन स्थल पर इंदौर के बच्चे लोक संस्कृति के चित्र उकेरेंगे। इसमें फाइन आर्ट के विद्यार्थियों और लोक संस्कृति मंच से जुड़े लोगों की मदद ली जाएगी। उधर, व्यवस्था में जुटे कार्यकर्ताओं ने बताया बारिश के कारण थोड़ा-सा नुकसान हुआ है। कहीं सीमेंट गीली हो गई तो विद्युत ट्रांसफार्मर के गड्ढों में पानी भर गया।
सभा के लिए हुई बैठक- दशहरा मैदान पर होने वाली सभा के लिए प्रदेश के मंत्री बाबूसिंह रघुवंशी ने महू में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए। इधर, शहर में मंच और पंडाल के लिए पूर्व सभापति शंकर लालवानी तैयारियां करते नजर आए। कृष्णकुमार अष्ठाना ने भी दौरा किया।
लाल मिट्टी पर रोपी घास व पौधे- कुशाभाऊ ठाकरे नगर के प्रमुख मार्गो के किनारे बिछाई गई बड़नगर की लाल मिट्टी पर हरी घास रोपने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ पौधे भी लगाए जा रहे हैं। व्यवस्था प्रमुख चंदू शिंदे ने बताया परिसर को खूबसूरत हरा-भरा बनाने के साथ सुंदर फव्वारे भी लगाए जाएंगे। रंग-बिरंगे फाउंटेन रात में यहां की खूबसूरती और बढ़ा देंगे।
दूध संयंत्र में गर्म होगा पानी
नेताओं को तीन लाख लीटर गर्म पानी मुहैया करवाया जाएगा। इंदौर दुग्ध संघ के संयंत्र में 100 डिग्री पर एक लाख लीटर पानी दो लाख लीटर ठंडे पानी में मिलाकर अधिवेशन स्थल पहुंचाया जाएगा। पानी गरम करने की यह प्रक्रिया रात तीन बजे से ही शुरू कर दी जाएगी।










