योग्यता
वो समय चला गया जब नौकरी पाने के लिए अच्छी डिग्री और कार्यानुभव देखा जाता था, अब कुछ और शर्ते शामिल हो गईं हैं..।
कई वर्षो तक सरकारी अस्पतालों में नर्सिग का कार्य करते हुए उसे ऊब होने लगी थी। वहां की अव्यवस्थाएं और कार्यशैली से वह दुखी रहने लगी थी। उसकी दिली इच्छा थी कि उसे किसी नए प्राइवेट नर्सिग होम में कार्य करने का अवसर मिले। नए-नए खुलने वाले प्राइवेट नर्सिग होम की भव्यता, साज सज्जा और सुविधाएं उसे हमेशा आकर्षित करती रहती थी।
उसने जॉब के लिए कई बार आवेदन किया। पर नर्सिग की पर्याप्त योग्यता और अनुभव के बाद भी इंटरव्यू में उसका सिलेक्शन नहीं होता था, जबकि उससे कम योग्यता और अनुभव में जूनियर नर्सो का चयन हो जाता था। उसे यह जानकर बड़ा दुख हुआ कि पहली बार उसका चयन उसकी सामान्य कद-काठी के कारण नहीं हुआ। दूसरी बार उसका सांवला रंग आड़े आ गया और तीसरी बार साधारण नैन-नक्श होने के कारण वह रिजेक्ट हो गई। वह अभी तक यह नहीं समझ सकी है कि प्राइवेट नर्सिग होम की संचालकों को मरीज़ों की सेवा सुश्रुषा के लिए नर्सो की आवश्यकता होती है या फिर मॉडलों की..।










