पोस्टमैन के हाथों विद्यार्थियों तक पहुंचेगी पाठच्य पुस्तकें
दुर्ग. छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम व भारतीय डाक विभाग के साथ एक अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के तहत डाक विभाग ने शिक्षण सत्र २क्१क्-११ के लिए राज्य के करीब ६क् हजार स्कूलों में १५ अप्रैल तक पाठ्यपुस्तक पहुंचाने की जवाबदारी ली है।
डाक विभाग यह पाठ्यपुस्तक निगम के १क् डिपो से पहली से ८वीं कक्षा तक सभी पाठ्यपुस्तकों को संयुक्त रूप से ले जाकर स्कूलों के प्रधान पाठक व प्राचार्य को देगा और उसकी पावती निगम को उपलब्ध कराएगा। इसके लिए डाक विभाग अपने ३ हजार पोस्ट आफिसों को स्कूलों की कक्षावार जरूरतों का के हिसाब से सर्वे द्वारा कंप्यूटराइज्ड आंकड़े उपलब्ध कराएगा।
सर्वे का काम डाक विभाग ने शुरू कर दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री एवं निगम के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर विद्यार्थियों को शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व एकजाई रूप से पुस्तकें पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था चलाई जा रही है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रबंध संचालक जे मिंज और डाक विभाग के निदेशक वीके वर्मा के बीच आपसी समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। नई नीति के बारे में जानकारी देते हुए निगम के महाप्रबंधक सुभाष मिश्र का कहना है कि निगम द्वारा राज्य शासन और सर्वशिक्षा अभियान की ओर से राज्य के शासकीय व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 54 लाख विद्यार्थियों को यह पाठ्यपुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। कक्षा 9वीं, 10वीं की समस्त शासकीय स्कूलों व अनुदान प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए इस व्यवस्था के तहत पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगी।
9वीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा के शेष विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों की बिक्री निगम डिपो के माध्यम से पुस्तक विक्रेताओं तक पहुंचेंगी। श्री सुभाष ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य में 146 विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अस्थायी डिपो द्वारा स्कूलों तक पुस्तकें पहुंचाई गई थीं। इस व्यवस्था में कई शिकायतें सामने आई जिसके तहत यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। 9वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के निर्धन विद्यार्थियों को निशुल्क प्रदाय 10-10 पुस्तकें पिछले वर्ष की तरह निगम के डिपो से स्कूल की मांग के अनुसार दी जाएगी। पुस्तकों के वितरण के संबंध में संचालक लोक शिक्षण और मिशन संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा सभी अधीनस्थ कार्यालय को निर्देशित किया जा चुका है।
राज्य में यह पहली बार होगा जब नए शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 30 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही विद्यार्थियों को अगले सत्र की पुस्तकें प्राप्त हो जाएगी। कक्षा पहली से आठवीं तक के पुस्तकों के लिए 29 शीर्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। 9वीं से 10वीं के लिए 14 शीर्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। नए साल में वितरित होने वाली पाठ्य पुस्तकों में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन के अलावा सेना में भर्ती की जानकारी व फोटोग्राफ भी शामिल किए गए हैं।










