जल वितरण नगरीय निकाय से!
अजमेर. जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा ने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में जल वितरण का कार्य नगरीय निकायों के जरिए कराने की तैयारी कर रही है। कैबिनेट की उप समिति की रिपोर्ट के बाद इसे जल्द लागू किया जा सकता है।
यहां शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जलदाय विभाग नगरीय निकायों को पानी पहुंचाएगा और शहरी इलाकों में जल वितरण कार्य नगर परिषद, नगर निगम के जरिए कराया जाएगा। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए भी कराने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नेशनल ड्रिंकिंग वाटर मिशन ने जो गाइड लाइन तय की है, उसे भी 1 अप्रैल 2010 से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
कैबिनेट उप समिति की 15 फरवरी को होने वाली बैठक में इन पर विचार-विमर्श कर सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
जून के बाद सख्ती करेंगे जिले में अवैध नल कनेक्शनों की शिकायत पर उन्होंने कहा कि अवैध कनेक्शन करने वालों के खिलाफ विभाग सख्ती से कार्रवाई करेगा। जून के बाद ऐसे कनेक्शनों को हटाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।
वाटर हार्वेस्टिंग से वाकिफ हैं लोग
मदेरणा जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से इत्तेफाक नहीं रखते। मीडिया के सवाल के जवाब में कहा कि यह अमेरिकी तकनीक है। प्रदेश में पानी की कमी से वाकिफ जनता यहां बहुत पहले से जल संग्रहण और संरक्षण के प्रति जागरूक है।
जल संग्रहण और संरक्षण के लिए एनिकट, खडीन आदि पहले से ही बनाए जाते रहे हैं।
बजट की कमी नहीं
उन्होंने कहा कि अजमेर में जल वितरण योजनाओं में बजट की कमी नही है। गत सरकार के शासन में सबसे अधिक योजनाएं और पैसा अजमेर को ही मिला है। फ्लोराइड कंट्रोल योजना के लिए भी बजट की कमी को दूर किया जाएगा।
अजमेर को चंबल के पानी पर विचार
चंबल का पानी अजमेर लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले भीलवाड़ा का प्रोजेक्ट पूरा होने दो। भीलवाड़ा को तय समय पर चंबल का पानी पहुंचाने का प्रयास हो रहे हैं। सरकार चाहती है कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो। भीलवाड़ा का प्रोजेक्ट सफल होने पर अजमेर तक चंबल का पानी सप्लाई करने के बारे में विचार किया जा सकता है।










