शिक्षा विभाग में अभी भी चल रहा अटैचमेंट
जबलपुर. स्कूल शिक्षा विभाग में अटैचमंेट में कई शिक्षक आज भी काम कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री, कलेक्टर, लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को यह विभाग ठेंगा दिखा रहा है। अटैचमेंट सीईओ जिला पंचायत और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए है।
शासन के आदेश-निर्देश को यह विभाग अनदेखा कर मनमर्जी पर उतारू है। अटैचमेंट के कारण कुछ स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी हो गई है। जिन स्कूलों के शिक्षकों को अटैच किया गया है, उनका वेतन तो वहां से निकल रहा है, इसलिए इनके स्थान पर अब किसी अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था भी नहीं की जा सकती, क्योंकि एक शिक्षक का वेतन वहां से निकल रहा है।
ये है अटैच-सूत्रों के अनुसार सीईओ और डीईओ कार्यालय में लगभग 11 शिक्षक, प्राचार्य अटैच हंै, इनमें श्रीमती संदीपा स्थापक, चंद्रशेखर स्वामी, दिनेश मिश्रा, कुलदीप तिवारी, डीके गुप्ता, एएम बोहरे, हरिभूषण शर्मा, सुनील पचौरी, सीके मेहरा, एनके श्रीवास्तव प्राचार्य, संजय मेहरा प्राचार्य आदि शामिल हैं। अटैचमेंट के इस खेल में बहुत होशियारी से काम किया जा रहा है। उनके अटैचमेंट के आदेश नहीं निकाले गए हंै। इनमें से कई मौखिक आदेश पर विभिन्न स्थानों पर काम कर रहे हंै।
शिक्षा मंत्री के आदेश की अवहेलना-शिक्षा मंत्री ने कई बार चेतावनी दी कि अटैचमेंट हर हाल में समाप्त किया जाए, जो जहां पदस्थ है, उन्हें उनकी मूल शाला में भेजा जाए। जहां अटैचमेंट पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मंत्री महोदया के आदेश को विभाग के अधिकारी धता बता रहे हैं और हर अधिकारी अपने स्तर पर काम कर रहा है। कलेक्टर को भी गलत जानकारी प्रस्तुत कर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारी कहते हैं कि विभाग में कोई अटैचमेंट नहीं है, लेकिन मौके पर अटैचमेंट वाले देखे जा सकते हैं। कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो स्कूल में काम करने के बाद डीईओ ऑफिस आकर कामकाज निपटाते हैं और कई शिक्षक ऐसे हैं जो शिक्षा विभाग के बाहर चक्कर लगाते रहते हंै कि शायद उनका भी अटैचमेंट हो जाए। इस संबंध मंे सीईओ जिला पंचायत से संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।










