तीन इंजीनियरों को नोटिस
ग्वालियर. लोकनिर्माण विभाग के आला अफसरों से लेकर स्थानीय अधिकारियों को विभागीय मंत्री नागेन्द्र सिंह की नाराजगी का सामना करना पड़ा। लोनिवि मंत्री शनिवार की दोपहर अचानक मुरार विधानसभा क्षेत्र के खुरैरी बेहटा मार्ग के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने जा पहुंचे। यहां निर्माण कार्य के स्तर और धीमी रफ्तार पर उन्होंने मुख्य अभियंता आरएल भारतीय से नाराजगी जताई, वहीं तीन इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
सुबह शताब्दी एक्सप्रेस से ग्वालियर आए लोकनिर्माण मंत्री नागेन्द्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों से अंचल में चल रहीं विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली, इसके बाद अचानक औचक निरीक्षण पर निकल पड़े। इसके लिए उन्होंने मुरार विधानसभा क्षेत्र चुना।
खुरैरी-बेहट मार्ग पर पहुंचकर मंत्री ने सबसे पहले तो इस बात पर नाराजगी जताई कि उक्त सड़क का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा क्यों नहीं हुआ है?विभागीय मंत्री ने मुख्य अभियंता भारतीय से सवाल किया कि क्या निर्माण कार्य की समय सीमा बढ़ाए जाने की स्वीकृति ली गई है? इस पर श्री भारतीय और उनके अधीनस्थ अधिकारियों में से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद श्री सिंह ने सड़क निर्माण में प्रयुक्त की जा रही सामग्री के स्तर को लेकर भी असंतोष जताया और सवाल किया कि इसे कौन देख रहा है, इस पर भी इंजीनियर खामोश रहे।
जानकारी के मुताबिक 204 लाख रुपए की लागत से बनने वाली पांच किमी. लम्बी इस सड़क का निर्माण कार्य 24 अप्रैल 2008 में आरंभ हुआ था। इसे जनवरी 2009 तक पूरा होना था। सड़क निर्माण के काम में विभागीय इंजीनियरों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए लोनिवि मंत्री ने संबंधित कार्यपालन यंत्री, एसडीओ और सब इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। इसके अलावा मुख्य अभियंता से भी जवाब-तलब किया।
नहीं चलेगी लापरवाही : नागेन्द्र सिंह
औचक निरीक्षण से लौटे मंत्री नागेन्द्र सिंह ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा कि सरकार ने जो राशि जिस कार्य के लिए दी है, उसे उसी कार्य में लगाने और निर्माण कार्य तय की गई समय सीमा में पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं होगी। उन्होंने कहा- मैंने पहले भी भोपाल में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को सचेत किया था कि किसी भी तरह की लापरवाही के मामले में सीधे मुख्य अभियंता से सवाल किया जाएगा, क्योंकि सारी जिम्मेदारी उसी की बनती है।
नहीं चलेगी लापरवाही
औचक निरीक्षण से लौटे मंत्री नागेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार ने जो राशि जिस कार्य के लिए दी है, उसे उसी कार्य में लगाने और निर्माण कार्य तय की गई समय सीमा में पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं होगी।
उन्होंने कहा- मैंने पहले भी भोपाल में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को सचेत किया था कि किसी भी तरह की लापरवाही के मामले में सीधे मुख्य अभियंता से सवाल किया जाएगा, क्योंकि सारी जिम्मेदारी उसी की बनती है।










