गुजरात में बन रहा है अनोखा वृक्ष मंदिर
अहमदाबाद. पर्यावरणीय संतुलन को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। ग्लोबल वॉर्मिग की समस्या से निपटने के लिए चिंतन, मनन व मंथन चल रहा है। इस बीच गुजरात के विरमगाम के भाजपा विधायक कमाभाई राठौड ने एक अनूठा प्रयास आरंभ किया है। वे अपने गांव वडगाम में वृक्ष मंदिर बनवा रहे हैं। इस अनूठे मंदिर में भगवान शंकर के साथ ही वृक्ष देव के रूप में तुलसी की पूजा की जाएगी।
उधर, मंदिर में दर्शन करने आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को कहीं न कहीं एक वृक्ष रोपना पड़ेगा। हाल ही में इस मंदिर का शिलान्यास किया गया था। इस अनूठे मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है और आगामी दो महीने में इसके बनकर तैयार होने की उम्मीद है। विरमगाम के भाजपा विधायक कमाभाई अपनी जमीन पर वृक्ष मंदिर बनवा रहे हैं। मंदिर में पौध उपलब्ध करवाने के लिए वन विभाग ने अनुमति दे दी है।
श्रद्धा के माध्यम से वृक्ष लगाने का संदेश: विधायक कमाभाई ने बताया कि यह क्षेत्र क्षारीय है। दिन-ब-दिन रण का दायरा बढ़ रहा है। ऐसे में वृक्ष ही मानव का सही साथी है। श्रद्धा के माध्यम से वृक्ष लगाने का संदेश लोगों तक पहुंचेगा तो इसका उन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इस कारण से वृक्ष मंदिर के निर्माण का निर्णय लिया। वडगाम और आदरियाणा गांव के बीच मुख्य मार्ग पर स्थित सास-बहू तालाब के किनारे यह मंदिर बनवाया जा रहा है। यह आस-पास के दस गांव के लोगों के लिए श्रद्धा का कें द्र बनेगा। भगवान शंकर की प्रतिमा के अलावा अन्य देवताओं की प्रतिमा भी इस मंदिर में स्थापित की जाएगी जो 16 फीट ऊंची होगी। मंदिर निर्माण कार्य अहमदाबाद के जय सोमपुरा कर रहे हैं।
प्रसाद के रुप में मिलेंगे पौधे
वृक्ष के पास ही वन विभाग द्वारा नर्सरी बनाई जा रही है जिससे कि दर्शनार्थियों को पौध आसानी से मिल सकें। मंदिर में एक पुजारी होगा जो प्रत्येक श्रद्धालु को प्रसाद के तौर पर पौध उपलब्ध करवाएगा। इस पौधे को श्रद्धालु अपने घर, खेत या कोई अन्य स्थान पर रोप सकता है। वृक्ष मंदिर के माध्यम से विरमगाम की सड़क को भी हरा-भरा करना चाहते हैं। इस रोड पर पांच किलोमीटर तक वृक्षों की देखरेख मंदिर की ओर से किया जाएगा। मंदिर के निर्माण पर पांच लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। वृक्षों और पौधों की सिंचाई के लिए दस किलोमीटर की दूरी से पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।










