Monday, Feb 8th, 2010, 2:27 am [IST]  
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danik bhaskarनिशक्त-हित में नरेगा एक्ट में हो संशोधन

अलवर & प्रदेश के नि:शक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन ने नि:शक्तजनों को लाभान्वित करने के लिए नरेगा एक्ट में संशोधन की आवश्यकता जताई है। उन्होंने 'भास्करÓ से बातचीत में कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 11 फरवरी को होने वाली बैठक में विकलांगों को रोजगार व स्वरोजगार के लिए तीन प्रतिशत बजट देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में राज्य सभा में दो सीटें नि:शक्तजनों एवं उनके कल्याण में काम करने वाले लोगों के लिए आरक्षित करने, विभिन्न राजकीय सेवाओं में नि:शक्तजनों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत आरक्षण में विषयवार की शर्त हटाने, नि:शक्तजनों को लाभान्वित करने के लिए चिकित्सा प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकार उच्चस्तरीय निजी अस्पतालों को भी देने आदि के प्रस्ताव रखे जाएंगे।

'मूक-बधिर अपनी बौद्धिक क्षमता को पहचानेंÓ

अलवर & नि:शक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन ने कहा है कि मूक व बधिर खुद को किसी से कम नहीं आंकें, उनमें बौद्धिक कार्यक्षमता सामान्य लोगों से अधिक होती है। वे रविवार को जैन सीनियर सैकंडरी स्कूल में मूक एवं बधिर नि:शक्तजनों की रोजगार कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बधिरों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में आ रही अड़चन दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। कार्यशाला में मूक एवं बधिर युवक-युवतियों का प्रशिक्षण एवं रोजगार के लिए पंजीयन किया गया। श्रीचंद्र प्रभु विकलांग कल्याण समिति की ओर से आयोजित कार्यशाला में समिति के पदाधिकारी महेश जैन, लायंस क्लब के पूर्व पदाधिकारी उमाशंकर, भिवाड़ी के उद्यमी एसबी मल्हाण ने विचार व्यक्त किए। समिति के मनोज भारद्वाज ने सांकेतिक भाषा में वक्ताओं का उद्बोधन प्रतिभागियों तक पहुंचाया। मूक एवं बधिर राजेंद्र कुमार, कंप्यूटर आपरेटर अंकित अरोड़ा, अजय व अनुभव सांकेतिक भाषा में नि:शक्तजनों की समस्याएं रखीं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वïान किया कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें और तकनीकी प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनें।

अलवर. कार्यशाला में मंचासीन निशक्तजन आयुक्त खिल्लीमल जैन एवं अन्य।

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