Monday, Feb 8th, 2010, 3:16 am [IST]  
  • + comment
  • |
  • +Share

danik bhaskarकंगाली में नगर निगम संकट में नई परिषद

नगर संवाददाता

सागर. नगर निगम की नई परिषद को खजाना खाली मिला है। बिजली का बिल और अन्य विभागों के लगभग 30 करोड़ रुपए की देनदारी बकाया हैं। आर्थिक कंगाली इस हद तक पहुंच गई है कि कर्मचारियों को दिसंबर और जनवरी का वेतन किश्तों में दिया गया है। खजाने में पैसा न होने से अब नए विकास कार्यो की शुरुआत नहीं हो पा रही है।



नई परिषद के गठन के साथ ही लोगों को यह उम्मीद बंधी थी कि अब विकास कार्य तेजी से शुरू होंगे लेकिन धन की समस्या से जूझ रही परिषद अप्रैल माह तक कोई नया कार्य कराने की स्थिति में नहीं है।
मार्च के अंतिम सप्ताह में बजट पेश किया जाएगा उसके बाद ही विकास की रूप-रेखा तय हो सकेगी। इस समस्या से निपटने के लिए महापौर कमला बुआ अपने सहयोगियों के साथ निगम के अर्थतंत्र और पुराने बजट का अध्ययन कर रही हैं। नए बजट की तैयारी की जा रही है।



कहती हैं महापौर



नगर निगम की महापौर कमला बुआ का कहना है कि नई परिषद को निगम का खजाना खाली मिला है स्थिति यह है कि दिसंबर 09 और जनवरी 2010 का वेतन कर्मचारियों को किश्तों में बांटा गया है। नए विकास कार्यों के लिए राशि नहीं है अत: नए काम शुरू नहीं किए जा रहे हैं।



उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षो में सागर जल आवर्धन योजना का समय पर बिल जमा नहीं किया गया। जिससे बकाया बिल राशि बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो गई है। नगर निगम को चलाने के लिए राज्य सरकार से मदद ली जाएगी साथ ही करों में वृद्धि और बकाया करों की वसूली पर जोर दिया जाएगा।



ऐसे बढ़ीं देनदारियां



निगम के सूत्रों का कहना है कि पिछली परिषद में जिस मद के लिए राशि का प्रावधान किया गया था। उस राशि को उसी मद में उपयोग न कर दूसरे मद में कर दिया जिससे उस मद की देनदारियां बढ़ती गई । यह देनदारियां बढ़कर 10 से 15 करोड़ रुपए हो गईं हैं।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: