Monday, Feb 8th, 2010, 3:16 am [IST]  
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danik bhaskarसम्मान के बीच छात्राओं की चिंता

Bhaskar News

इंदौर.रविवार को वैष्णव स्कूल मुक्ताकाश मंच के नीचे दादा साहब (मोरेश्वर वामन मोघे) से लेकर ताई के हाथों गढ़ी गई दो पीढ़ियों ने ताई को सम्मानित किया। लोगों ने बड़ी टीचर मैत्रेयी पद्मनाभन और पूर्व शिक्षामंत्री काशीनाथ त्रिवेदी को भी याद किया। उधर, ह्रींकारगिरि में दधीचि समाज के 32 लोगों का सम्मान किया गया जिन्होंने देहदान करने का संकल्प लिया।



वहीं ईसाई समाज के 60 धर्मगुरुओं का भी अभिनंदन किया गया। शहर उन्हें सम्मानित कर रहा था और वे सोच रही थीं कि जोबट में जो छात्राएं पढ़ रही हैं उनकी सुरक्षा कैसे करूं? कैसे उस होस्टल की बाउंड्रीवॉल बने। जब वे बोलने के लिए खड़ी हुईं तो बीते 97 साल को भूल गईं और बोल पड़ीं इस बाउंड्रीवॉल के बारे में सोचकर मुझे रात को नींद नहीं आती है।



ताई के स्नेह का मान शहरवासियों ने रखा और देखते ही देखते 10 लाख रुपए इकट्ठा हो गए। वैष्णव स्कूल में रविवार को शालिनी ताई मोघे का सम्मान किया गया। उनकी आवाज अहसास दिला रही थी कि उम्र के इस पड़ाव में वे वक्त को पीछे छोड़ आई हैं। उन्होंने कहा मुझे पैसा, सम्मान कुछ नहीं चाहिए। बस, आखिरी सांस तक गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ करना चाहती हूं।



कार्यक्रम के बाद शालिनी ताई का मंच पर ही बारी-बारी से सभी ने स्वागत किया। ये सब वे थे जिन्हें ताई ने पढ़ाया या फिर उनके बच्चे ताई के हाथों ही संस्कारित होकर ऊंचे पद पर हैं



बाल निकेतन संघ की ली जिम्मेदारी
बाल निकेतन संघ के पूर्व छात्रों ने गुरुदक्षिणा के रूप में शालिनी ताई की धरोहर को आगे बढ़ाने का जिम्मा लिया। लगभग 150 पूर्व छात्रों की ओर से माया इंगले ने बताया हम सब बाल निकेतन संघ के लिए भौतिकी, रसायन और कम्प्यूटर लैब स्थापित करेंगे। मांटेसरी के लिए जरूरी उपकरण और छात्रवृत्ति का इंतजाम भी करेंगे।



ऐसे इकट्ठा हुई सहयोग राशि
ताई की बाउंड्रीवॉल की चिंता के बारे में पता चलते ही वैष्णव ट्रस्ट से जुड़े मनोहर बाहेती ने बाबूलाल बाहेती की ओर से पांच लाख व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। हलमलकर परिवार ने एक लाख रुपए बाल निकेतन संघ के लिए दिए। श्री भूरिया, शिक्षामंत्री अर्चना चिटनीस, पूर्व जसिस्ट चंद्रशेखर धर्माधिकारी, सांसद सुमित्रा महाजन, मीना स्वामीनाथन, पूर्व महाधिवक्ता आनंदमोहन माथुर आदि ने ताई का अभिनंदन किया। निगम की ओर से गोपाल मालू ने स्वागत किया। आयोजन समिति ने दो लाख रुपए का चेक और स्वर्णकलश भेंट किया।



इनका कहना है
शालिनी ताई जैसी महिलाओं के कारण ही महिलाएं सशक्त हो पाई हैं।-- कांतिलाल भूरिया, केंद्रीय मंत्री
सावित्रीबाई फुले, शालिनी ताई मोघे जैसी महिलाओं की बदौलत ही हम यहां पहुंचे।-- अर्चना चिटनीस, शिक्षामंत्री
हम लड़कियों के जन्म पर जश्न नहीं मना सकते हैं तो हमें ताई के अभिनंदन का अधिकार होगा?-- जस्टिस चंद्रशेखर धर्माधिकारी
ताई ने दो परिवारों के साथ गरीब-आदिवासी बच्चों का भी जीवन संवारा।-- बाबूलाल पाटोदी, समाजसेवी
ताई द्वारा संचालित स्कूलों में अक्षर ज्ञान के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।-- सुमित्रा महाजन, सांसद
एक दिन ताई ने पूछा नया क्या कर रही हो? इस सवाल ने हमेशा कुछ नया सोचने पर मजबूर किया।-- मीना स्वामीनाथन, इंडियन एसो. ऑफ प्री स्कूल एजुकेशन से संबद्ध (ताई के साथ काम किया)

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