लो मंत्रीजी से बात कर लो..
सागर. किशोरों और युवाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई की नौबत आते ही पुलिस अफसरों को भी अपनी पहुंच मंत्री तक होने का रौब दिखाने लगते हैं। इतना ही नहीं मोबाइल से नंबर डायल करके सीधे मंत्रीजी से बात भी कराने लगते हैं। रविवार को परकोटा वन-वे पर ट्रैफिक पुलिस की चैकिंग के दौरान कुछ ऐसे ही नजारे देखने को मिले।
वाहन चैकिंग के दौरान पकड़े गए नाबालिग चालक कार्रवाई से बचने के लिए मंत्री, सांसद से लेकर अपने परिचित अधिकारियों को मोबाइल लगाते देखे गए, लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक भी चाल सफल नहीं हो सकी। आखिरकार उन्हें जुर्माना देना ही पड़ा।
वन-वे का उल्लंघन और नाबालिगों को दो पहिया वाहन चलाने से रोकने के लिए यहां चैकिंग अभियान चलाया गया था। सुबह 11 से 1 बजे तक एक दर्जन को नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा गया। इस दौरान जिला पुलिस बल का एक सिपाही जो मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 15 एमडी- 0516 से तीनबत्ती से परकोटा जा रहा था।
उसे रोका गया किंतु बाद में उसे बिना कार्रवाई किए जाने दिया। सेना के दो जवान वन-वे का उल्लंघन कर तीनबत्ती से परकोटा की ओर जा रहे थे। यातायात कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे चकमा देकर निकल गए।
चैकिंग के दौरान दो किशोरों ने यातायात थाना प्रभारी आरकेएस चौहान से मंत्री जी से बात करने को कहा, लेकिन श्री चौहान ने जुर्माना भरने की बात कही। एक शराबी नशे में बाइक से जा रहा था। उसे रोका वह पहले तो 50 रुपए देने को तैयार हो गया, लेकिन जुर्माने की राशि अधिक बताने पर वह पुलिस कर्मचारियों को गाली देने लगा। बाज दस्ता बुलाकर उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।










