5000 तक का टिकट दर्शक संख्या होगी कम
ग्वालियर. कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम पर 24 फरवरी को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जाने वाले डे-नाइट वनडे मैच के लिए 750 से लेकर 5000 रुपए तक की टिकट दरें प्रस्तावित की गई हैं। वहीं इस बार गैलरी में क्षमता से सात हजार दर्शक कम बैठेंगे। ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की रविवार को आयोजित बैठक में इस बात पर लगभग सहमति बन गई। इसके साथ ही बैठक में कई व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की गई जिसे अंतिम रूप जीडीसीए अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया से चर्चा के बाद दिया जाएगा।
बैठक के बाद जीडीसीए के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत मेहता ने संवाददाताओं से चर्चा में बताया कि गैलरी की टिकट दर 750 और स्टूडेंट टिकट दर 600 रुपए रखी जाएगी, साथ ही गैलरी के दर्शकों कीटसंख्या में भी इस बार कटौती की जा रही है। 21 हजार क्षमता वाली ट गैलरी में 14 हजार दर्शक को ही प्रवेश दिया जाएगा।
दर्शकों की संख्या कम करने के बारे में श्री मेहता का कहना था कि पिछले मैच में क्षमता से अधिक दर्शक पहुंच गए थे जिससे भारी अव्यवस्थाएं हो गई थीं। इस बात को ध्यान रखते हुए इस बार यह निर्णय लिया गया कि गैलरी में दर्शकों की संख्या कम कर दी जाए, जिससे दर्शक आराम से मैच देख सकेंगे और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि टिकट ब्रिकी संभवत: 20 फरवरी से शुरू हो जाएगी।
प्रत्येक कमेटी में एक प्रशासनिक अधिकारी- वनडे मैच के लिए पिछले मैच के लिए बनीं कमेटियों में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है, बस प्रत्येक कमेटी में एक प्रशासनिक अधिकारी को शामिल किया गया है।
दो हजार सुरक्षाकर्मी के जिम्मे होगी सुरक्षा-
वनडे मैच के लिए खिलाड़ियों और व्यवस्थाओं के लिए दो हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। जिसके लिए कलेक्टर और एसपी से चर्चा कर ली गई है।
ऊषा किरण होटल में रुकेंगी टीमें- भारत और दक्षिण अफ्रीका टीमों के खिलाड़ियों की ठहरने की व्यवस्था होटल ऊषा किरण में की गई है। इसके अलावा बीसीसीआई के अधिकारियों और विशेष मेहमानों की व्यवस्था शहर के अन्य होटलों में की गई है।
फ्लड लाइट की टेस्टिंग आज- वनडे मैच के लिए फ्लड लाइट की टेस्टिंग सोमवार को होगी। फ्लड लाइट के लिए मुंबई से चोक के आर्डर दे दिए गए हैं जो एक-दो दिन में आ जाएंगे। फिलहाल फ्लड लाइट को सोमवार को सीधे बिजली से जलाकर टेस्ट किया जाएगा। मैच के दौरान बिजली चले जाने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जनरेटर भी मंगा लिए गए हैं।
ये कारण तो नहीं टिकट दर बढ़ाने व दर्शक संख्या कम करने के
रूपसिंह स्टेडियम की दर्शक गैलरी काफी पुरानी है और 2004 में भारत-आस्ट्रेलिया मैच के दौरान पटिया गिरने से एक हादसा हो चुका है, जिसमें कई दर्शक घायल हो गए थे।
15 नवंबर 2007 को भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए वनडे मैच के दौरान क्षमता से अधिक दर्शक गैलरी में पहुंच गए थे, जिससे दर्शकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान प्रशासन और जीडीसीए के बीच फ्री पास को लेकर सामंजस्य न बन पाने के कारण प्रशासन ने अपने-अपने लोगों को स्टेडियम में प्रवेश दे दिया था। टिकट लेने के बाद भी हजारों की संख्या में दर्शक स्टेडियम के अंदर ही नहीं पहुंच सके थे, हालांकि जीडीसीए को बाद में दर्शकों को टिकट के पैसे लौटाने पड़े थे।
प्रस्तावित टिकट दर
गैलरी 750 रुपए
स्टूडेंट 600 रुपए
चेयर 2000 रुपए
चेयर ड्रेसिंग रूम के पास 3000 रुपए
पवेलियन 5000 रुपए
दो हजार जवान व डेढ़ सैकड़ा कैमरे लगेंगे
ग्वालियरx भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच कै.रूपसिंह स्टेडियम मंे 24 फरवरी को खेले जाने वाले वनडे मैच की सुरक्षा के लिए दो हजार पुलिस जवान तैनात रहेंगे। स्टेडियम के चारों तरफ हर गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी, इसके लिए करीब डेढ़ सैकड़ा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।शेष x पेज 1३
इसके साथ स्टेडियम की क्षमता से दस फीसदी कम टिकट ही बेंचे जाएंगे, जिससे भीड़ उपद्रव का कारण नहीं बन सके।
सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को लेकर पुलिस अधीक्षक एसाई मनोहर व जीडीसीए के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत मेहता के बीच रविवार को चर्चा हुई।
-करीब दो हजार पुलिस जवान व अधिकारी तैनात होंगे।
-स्टेडियम की ओर आने वाले सभी रास्तों पर करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
-दर्शकांे के स्टेडियम में जाने व आने के लिए पक्की बैरिकेडिंग लोहे के पाइपों या मजबूत बल्लियां लगाकर की जाएगी।
-स्टेडियम की दर्शक क्षमता से दस फीसदी कम टिकट बेचे जाएंगे, ऐसा स्टेडियम के अंदर व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
पिछले मैच में हुआ था उपद्रव
पिछले मैचों के दौरान देखा गया था कि क्षमता से अधिक टिकट बेचने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी। स्टेडियम में घुसने से वंचित रह गए पांच हजार से अधिक दर्शकों ने पिछले मैच 15 नवंबर 2008 के दौरान स्टेडियम से स्टेशन बजरिया तक वाहनों में जमकर तोड़फोड़ कर दी थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स भी टूट गए थे।










