मंत्रीजी के पीए की सेटिंग
राजधानी में कोई भी सरकारी काम हो, सबसे पहले मंत्रीजी के पीए को मनाना पड़ता है, लेकिन एक पीए के पुराने पराक्रम फिर चर्चा में आ रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री रंजना बघेल के पीए अरुण निगम शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अफसरों की सूची में शामिल रहे हैं।
इन पर स्कूलों में होने वाले नलकूप खनन मंे लाखों रुपए की हेराफेरी के आरोप लगे हैं। इनकी शिकायत खरगोन के पूर्व सांसद इंदौर के मेयर कृष्णमुरारी मोघे ने इंदौर संभागायुक्त से की थी। इसमें कई भ्रष्ट अफसरों के नाम सामने आए जो जांच में दोषी पाए गए।
बीते साल इंदौर संभागायुक्त ने वर्तमान में मंत्रीजी के पीए (तत्कालिक जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र खरगोन) निगम को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने के लिए कलेक्टर खरगोन को सिफारिश भेजी थी। इनके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए। मामला अदालत भी पहुंचा। अदालत ने संभागायुक्त के फैसले को सही ठहराया पर निगम सुरक्षित स्थान पर पहुंच ही गए हैं।










