हारे नहीं हरा दिया गया
रायगढ़. घर को लगा दी आग घर के चिरागों ने.. कुछ यही हुआ जिला पंचायत के सदस्य चुनाव लड़ने वालों दिग्गज भाजपाईयों के साथ।
पिछले सप्ताह संपन्न हुए त्रि-स्तरीय जिला पंचायत निर्वाचन में खास कर जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में कई भाजपा समर्थित दिग्गजों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव में मिली शिकस्त के बाद ऐसे प्रत्याशी अब अपने स्तर पर विचार-मंथन करने में जुटे हुए हैं। भरोसेमंद राजनीतिक सूत्रों की मानें तो रविवार को जिले के दौरे पर आए प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल से सर्किट हाउस में ऐसे ही हारे प्रत्याशियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने उनसे मुलाकात कर न केवल अपनी पीड़ा व्यक्त की। बल्कि यह भी अवगत कराया कि ऐन चुनाव की घड़ी में किस तरह अपनों ने ही मुंह मोड़ लिया।
सूत्रों की मानें तो प्रभारी मंत्री ने इनकी बातों को काफी गंभीरता से सुना और कहा कि वे पार्टी हित में अपना काम-काज जारी रखें। बताया जाता है कि जिला पंचायत क्षेत्र क्र. 1 से भाजपा समर्थित उम्मीदवार के साथ ही यहां से पार्टी से बागी होकर एक अन्य प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने के कारण भाजपा को यहां पराजय का मुंह देखना पड़ा।
जिला पंचायत 4 में भाजपा समर्थित एक महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रहीं थीं। वहां से भाजपा के एक बागी भी चुनाव समर में उतरे थे। कहा जा रहा है कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में महिला प्रत्याशी ने तकरीबन २ हजार वोट की लीड जरूर किया था।
लेकिन, खरसिया क्षेत्र से बागी प्रत्याशी द्वारा कथित रूप से विरोधी पार्टी से हाथ मिला लिए जाने के कारण इन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह क्षेत्र क्र. 5 में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी के समर्थकों के द्वारा दूसरे अन्य उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार करने से उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।










