हेरिटेज टाइलों ने रोका काम
चंडीगढ़. विरासत से जुड़ी चीजें किसी भी इमारत की खूबसूरती और अहमियत को बढ़ाती हैं। लेकिन अगर यही चीजें किसी इमारत की खूबसरती के आड़े आने लगे तो.. पीयू के ऐतिहासिक गांधियन स्ट्डीज़ भवन के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है।
इस भवन के आसपास बने वाटर पूल की रेनोवेशन के रास्ते में अब इसी वाटर पूल की हेरिटेज टाइलें बाधा बन रही हैं। पीयू इस पूल की मरम्मत कराना चाहता है, लेकिन अब प्रशासन ने इस पूल की हेरिटेज टाइलों को न हटाने की सलाह दी है। पीयू प्रशासन इस मामले में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की राय लेने जा रहा है। पिछले कुछ अरसे से गांधियन स्टडीज़ भवन के वाटर पूल से पानी का रिसाव हो रहा था।
रिसाव बढ़ने पर पीयू प्रशासन ने कुछ अर्सा पहले पूल में पानी भरना छोड़ दिया। बाद में पीयू प्रशासन ने इस रिसाव को दूर करने के लिए पुरानी टाइलें बदलने का फैसला लिया। इन टाइलों को हटाकर ही पूल की मरम्मत होनी थी। लेकिन इससे पहले कि काम शुरू हो पाता चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि इन टाइलों को हटाना सही नहीं होगा, क्योंकि इन टाइलों का महत्व इस बिल्डिंग की विरासत से जुड़ा है। प्रशासन का मानना है कि इन टाइलों के हटाने से इस बिल्डिंग का हेरिटेज महत्व कम होगा। चंडीगढ़ प्रशासन की इस आपत्ति के बाद अब पीयू प्रशासन एएसआई की मदद ले रहा है। पीयू प्रशासन का मानना है कि एएसआई की राय मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू किया जाएगा ताकि कोई तकनीकी दिक्कत न आए।











