राठौर के चेहरे पर चाकू से वार
चंडीगढ़. रुचिका छेड़छाड़ मामले में दोषी हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को सोमवार दोपहर जिला अदालत के बाहर कैमरा लेकर घूम रहे उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी उत्सव शर्मा ने चाकू मारकर घायल कर दिया। उत्सव के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हमला उस समय हुआ जब राठौर अपनी पत्नी आभा राठौर, मुरादाबाद के वकील अजीत कुमार सिंह और हाईकोर्ट के वकील एन.डी. शर्मा के साथ अदालत में बंद कमरे में चल रही बहस के बाद लंच के लिए बाहर जा रहे थे। सबसे पहले आभा बाहर निकलीं, फिर वकीलों के साथ राठौर आए। ताक में खड़े उत्सव ने पहले राठौर का कॉलर पकड़ा और फिर जेब से छोटा चाकू निकाल उनके गले और चेहरे पर वार किए। जब तक राठौर के वकील बीच बचाव करते तब तक हमलावर ने उन पर तीन-चार वार कर दिए। हमले में वकील एन.डी. शर्मा के हाथ पर भी गंभीर चोटें आई हैं।
राठौर को पुलिस सेक्टर-16 अस्पताल ले गई। वहां उनके मुंह व गले की चोटों पर टांके लगा प्राथमिक उपचार किया गया। डेढ़ घंटे बाद दोपहर पौने तीन बजे राठौर खून सने कपड़ों में ही फिर अदालत की कार्रवाई में शामिल होने अदालत पहुंच गए। पेशी के बाद राठौर सेक्टर 16 अस्पताल आए, जहां उन्हें दो घंटे जांच के बाद साढ़े छह बजे छुट्टी दे दी गई। हमलावर को मौके पर ही पुलिस ने दबोच लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह लड़कियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एक मुहिम चला रहा है। रुचिका के साथ राठौर ने जो किया उसका उसमें गुस्सा था, जिसे उसने राठौर पर उतारा है। उसने बताया कि उसने एनआईडी से फिल्म मेकिंग की डिग्री ली है। वह युवतियों पर अत्याचार को लेकर एक फिल्म बना रहा है।
दिल्ली से खरीदा था चाकू
चंडीगढ़ के एसएसपी सुधांशु श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में पता चला है कि 29 वर्षीय उत्सव एक महीने से पंचकूला में किसी धर्मशाला में रह रहा था। श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ में युवक ने कबूला है कि जिस चाकू से उसने हमला किया, वह उसने दिल्ली में लिया था। इसके पिता सुशील शर्मा प्रोफेसर हैं, जिनसे हमारी बात हुई है। प्रोफेसर शर्मा ने बताया कि उत्सव मानसिक रूप से बीमार है और उसका अहमदाबाद में इलाज चल रहा है। हमने अहमदाबाद में उस डॉक्टर से भी बात की, जहां उत्सव का इलाज चल रहा है।
बंद कमरे में हुई सुनवाई
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजशेखर अत्री की अदालत में सीबीआई द्वारा राठौर की सजा में बढ़ोतरी की अपील मामले में शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश दंपती द्वारा सजा में बढ़ोतरी की अपील, राठौर को मिली सजा को चुनौती समेत जमानत याचिका पर सोमवार को बंद कमरे में सुनवाई हुई। रुचिका की ओर से वकील पंकज भारद्वाज व शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश कोर्ट रूम में मौजूद थे। पहले आभा राठौर ने अपना पक्ष रखा।
लंच बाद कोर्ट की कार्रवाई 2.45 बजे फिर शुरू हुई। कोर्ट ने राठौर और उनके वकील के घायल होने की सूरत में अगली सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तारीख तय की। गौरतलब है कि 13 जनवरी को जिला अदालत से राठौर को रुचिका छेड़छाड़ मामले में राहत मिली थी। राठौर ने यहां पर 6 माह की सजा पर अपील के विचाराधीन रहते जमानत देने की मांग की थी, जिस पर अदालत ने एक लाख रुपए के बेल बांड पर 8 फरवरी तक जमानत दे दी थी। अदालत ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में 8, 9 और 10 फरवरी को इन सभी अपीलों पर सुनवाई की तारीख तय की थी।
बुलाई काउंसिल की बैठक
एनआईडी रजिस्टार विजया देशमुख का कहना है कि अध्ययनकाल में उत्सव का व्यवहार हर लिहाज से ठीक था। वह पढ़ने के प्रति गंभीर और मेधावी विद्यार्थी था। उसे कभी चेतावनी देने तक की नौबत नहीं आई। अक्टूबर 2008 में डिप्लोमा प्रोजेक्ट के लिए जाने के बाद वह संस्थान में नहीं लौटा। देशमुख ने बताया कि उत्सव से संबंधित मामले पर विचार के लिए अकादमिक काउंसिल की बैठक बुलाई गई है।
ये है उत्सव गाथा
बीएचयू के प्रोफेसर एसके शर्मा के पुत्र उत्सव ने 2006 में एनआईडी- अहमदाबाद के पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा प्रोग्राम इन एनीमेशन फिल्म डिजाइन में दाखिला लिया था। वह अक्टूबर, 08 तक संस्थान में अध्ययनरत रहा। इसी माह पाठ्यक्रम के तहत आवश्यक प्रोजेक्ट के लिए सेल्फ स्पांसर फिल्म के निर्माण के लिए वह चला गया और वापस नहीं लौटा। उत्सव ने बीएचयू से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स करने के बाद एनआईडी में प्रवेश पाया था। उसके पिता एसके शर्मा बीएचयू के मेकैनिकल इंजीनियरिंग एंड आईटी विभाग में प्रोफेसर हैं जबकि मां इंदिरा चिकित्सक हैं और प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। एनआईडी में उत्सव ने सहपाठियों के साथ मिलकर 3.56 मिनट की ‘चायब्रेक’ नाम से एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी। इसे आसिफा इंडिया अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस पुरस्कार भी मिला ।
मुस्कुराते रहे जनाब
जनाब राठौर स्टिक के सहारे आए, लेकिन मुस्कुराहट बरकरार थी। घटना के बाद भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी और जख्मी हालत में भी वे कोर्ट की कार्रवाई में शामिल हुए। इलाज कराकर लौटे राठौर ने कहा कि अदालत चाहे तो आगामी सुनवाई के लिए वे तैयार हैं, लेकिन अदालत ने दलील नामंजूर कर दी।
बॉयपोलर डिसऑर्डर का रोगी
एनआईडी-अहमदाबाद का विद्यार्थी उत्सव शर्मा बॉयपोलर डिसऑर्डर का मरीज है। उसका इलाज अहमदाबाद की मनोचिकित्सक डॉ. रत्ना बलवानी कर रही हैं। डॉ. बलवानी के अनुसार लंबे समय से डिप्रेशन के कारण वह बॉयपोलर डिसऑर्डर की गिरफ्त में आ गया था। उसका डेढ़ वर्ष से इलाज चल रहा है। हालांकि 20 दिन से वह नहीं आया है। उत्सव की हिस्ट्री में ऐसी कोई घटना नहीं है, जिसमें उसने किसी को निशाना बनाया हो।
राठौर को लगे सात टांके
राठौर पर हमले के बाद डेढ़ बजे सेक्टर 16 का अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया। राठौर को सीधे इमरजेंसी आपरेशन थिएटर ले जाया गया। राठौर का खून रोकने में डॉक्टरों को डेढ़ घंटे का समय लगा। सर्जरी विभाग के डॉ. एन. के. कौशल ने राठौर के बाएं गाल पर तीन और गर्दन पर चार टांके लगाए। ऑपरेशन थिएटर के बाहर खड़े ड्राइवर को बाद में अंदर कॉफी देने के लिए बुलाया गया। इलाज के दौरान राठौर ने कॉफी की चुस्कियां भी लीं।
प्लीज..मुझे परेशान न करें
मैं बहुत परेशान हूं, प्लीज.. आप लोग मुझे बार-बार फोन करके और परेशान न करें। उत्सव पिछले तीन साल से डिप्रेशन का मरीज था। तीन साल पहले जब वह अहमदाबाद में था, तभी से उसे यह बीमारी लग गई थी। डॉक्टरी सलाह से उसकी दवा चल रही थी..।
डॉ. इंदिरा शर्मा उत्सव की मां
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