नाहरगढ़ जंगल में होगी बाघों की वंशवृद्धि
जयपुर. बाघों की वंशवृद्धि के लिए नाहरगढ़ में प्रस्तावित वर्ल्ड क्लास जू में बाघों की मेटिंग कराई जाएगी। पिछले पांच वर्षो से जयपुर जू में बाघों की मेटिंग पर सेंट्रल जू अथॉरिटी ने रोक लगा रखी थी। इसकी वजह संसाधनों व जगह की कमी बताया गया। साथ ही नाहरगढ़ रेस्क्यू सेंटर में मौजूद बाघ-बाघिन की भी मेटिंग पर रोक थी, क्योंकि ब्रीड मिक्स है।
सेंट्रल जू अथॉरिटी ने देशभर के जू को इस शर्त पर बाघों की वंशवृद्धि करने के निर्देश दिए हैं कि उनके पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। पांच साल पहले जयपुर जू में बाघिन चंदा ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिसे अथॉरिटी ने नियम के खिलाफ माना था। हालांकि अथॉरिटी ने किसी भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की थी।
ब्लड लाइन बदलनी होगी
अथॉरिटी ने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि बाघों की वंशवृद्धि में ब्लड लाइन बदली जाए। इसका मतलब यह है कि एक ही परिवार के बाघ की मेटिंग नहीं होनी चाहिए। जयपुर जू ने एक्सचेंज प्रोगाम के तहत एक बाघ को पंजाब भेजकर उसकी जगह दूसरा बाघ मांगा है। बताया जाता है कि मेटिंग में ब्लड लाइन चेंज कराने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इसके अलावा प्योर ब्रीड के बाघों की वंशवृद्धि पर निर्देशों में जोर दिया गया है।
जयपुर जू के डीएफओ वाय.के.साहू का कहना है कि नाहरगढ़ में प्रस्तावित वर्ल्ड क्लास जू में बाघों की वंशवृद्धि संभव हो सकेगी। इसके लिए विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि इस जू में सभी संसाधन उपलब्ध रहेंगे।










