धूमधाम से मनाई स्वामी दयानंद जयंती
भास्कर न्यूज& सोनीपत
पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी दयानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर भारत स्वाभिमान के संरक्षक अशोक खत्री ने स्वामी जी के जीवन के बारे में बताया और प्रेरणा लेने का आह्वïान किया।
उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद से प्रभावित होकर स्वामी रामदेव ने व्यवस्था परिवर्तन के लिए भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की स्थापना की है। सभी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर भारत स्वाभिमान के सदस्य बना रहे हैं। इसी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए स्वामी रामदेव 27 फरवरी को रोहतक आ रहे हैं। इस मौके पर चरण सिंह, सुरेन्द्र लांबा, जयवीर, जगबीर, लक्ष्मीनारायण, हरज्ञान मलिक, हरज्ञान आर्य, उत्तम कुमार, निर्मला, बिमला, कृष्णा, किरण भसीन, जोगेन्द्र और जवाहर मदान इत्यादि भी मौजूद थे।
स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
सोनीपत& आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को स्वामी दयानन्द सरस्वती की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इससे पूर्व वैदिक रीति से यज्ञ कर युगप्रवर्तक महर्षि दयानंद सरस्वती के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के युवा नेता अर्जुन दहिया ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती भारत के उस महान समाज सुधारक का नाम है, जिसने राष्ट्र की सोई हुई जनता को जगाया और तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का बीड़ा उठाया। 19वीं सदी के महापुरुषों में वेदों के उद्धारक स्वामी दयानन्द का विशिष्ट स्थान है। उस क्रांतिकारी युगपुरुष ने मूर्ति पूजा जैसे पाखण्ड, अंधविश्वास, बाल-विवाह, लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखना, पर्दा प्रथा, छूआछूत, विधवाओं के विवाह न होने देना जैसी बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने लोगों को चेताया और अपना दिव्य आलोक बिखेर दिया। अर्जुन दहिया ने कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उन शिक्षाओं को अपनाने, वेद के सिद्धांत पर चलने और आर्यसमाज के नियमों का पालन करने से भारत पुन: विश्वगुरु का दर्जा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वामी दयानन्द के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया जिससे उनकी जयंती मनाने की सार्थकता सिद्ध हो सके। इस अवसर पर संस्था के प्रधान सत्यवीर सिंह शास्त्री, उप-प्रधान देवराज दहिया, मंत्री प्रताप सिंह शास्त्री, उप-मंत्री राजपाल खत्री, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम दास, धर्मप्रकाश, धर्मदेव, प्रवीण, राजेन्द्र सिंह, प्राचार्य नरेश कुमार सरोहा, कपिल देव दहिया, राजेन्द्र दहिया, नरेश महलान आदि उपस्थित थे।
हर्षोल्लास से मनाई महर्षि दयानंद की जयंती
खरखौदा & प्रताप स्कूल खरखौदा में महर्षि दयानंद की 187वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर छात्रों द्वारा महर्षि दयानंद के जीवन पर आधारित सुंदर भजन प्रस्तुत किए गए। प्राचार्य धर्मप्रकाश आर्य ने आर्य समाज के प्रवर्तक महर्षि दयानंद के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वे एक महान तपस्वी, बहा्रचारी, ओजस्वी, तेजस्वी, न्यायकारी, दयालु, विद्वान, धर्मात्मा, परोपकारी, बलशाली, संयासी, निडर एवं सत्यभाषी थे। महान ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश की रचना कर महर्षि दयानंद ने मनुष्य जाति को घोर अंधकार से बाहर निकाला। ऐसी महान आत्मा के जीवन को अपनी सफलता केे लिए आत्मसात करना चाहिए।
महर्षि दयानंद के आदर्श को जीवन में अपनाएं : राठी
गन्नौर& जीटी रोड स्थित आजाद मार्केट में अध्यक्ष सुखबीर राठी ने सोमवार महर्षि दयानंद सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण करने के बाद कहा कि आर्य समाज की स्थापना के साथ वेदों का प्रचार करने वाले महान विचारक महर्षि ने शुद्धि आंदोलन चलाया। वे समाज सुधार के समर्थक थे। सत्यार्थ प्रकाश में उन्होंने सभी मतों में व्याप्त अव्यवस्थाओंं का खंडन किया। राठी ने कहा कि महर्षि दयानंद ने यथार्थवादी मार्ग अपनाने की सहज प्रवृत्ति नई दिशा दी। धार्मिक, सामाजिक-आर्थिक, राजनैतिक दृष्टि से युगानुकुल चिंतन करने की तीव्र इच्छा के साथ भारतीयों में गौरवमय अतीत के प्रति निष्ठा जागने की भावना थी। इस मौके पर विकास, संदीप, मनोज, रविन्द्र आदि उपस्थित थे।
महर्षि दयानंद जयंती मनाई
सोनीपत& दून वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोनीपत में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत यज्ञ से हुई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आजाद सिंह ने महर्षि दयानंद के जीवन चरित्र से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जब हमारे देश में आध्यात्मिक चुनौतियां थी तब अंध विश्वासों के खिलाफ उन्होंने जागृति लाने का काम किया। वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। इस मौके पर सीबी सिंह, डीएन शर्मा, यशपाल आर्य, नरेश शर्मा, राजेन्द्र दहिया, बलराज बांगड आदि उपस्थित थे।










