मोह से पैदा होते हैं दुख
भास्कर न्यूज & काछवा
पाल नगर शिव मंदिर की ओर से चल रही भागवत कथा के चौथे दिन पंडित अखिलेश पाठक ने कहा कि मोह से दुख मिलता है। इससे मनुष्य का जीवन कष्टïमय हो जाता है। एक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भरत नाम का एक राजा हुआ, जिसने वर्षों तक राज किया। बाद में उसने वैराग्य धारण कर लिया।
नेपाल में दंडकी नदी के किनारे घोर तप किया। उन्हें एक हिरण के बच्चे से मोह हो गया। अचानक एक दिन वह भाग गया। उसके वियोग व चिंता के कारण राजा की मौत हो गई। अगला जन्म उन्हें हिरण का मिला। कथा का तात्पर्य है कि हम जिससे मोह करेंगे, अगले जन्म में हमें वही बनना पड़ेगा।
स्त्री से मोह करेंगे, स्त्री बनेंगे, पशु से मोह करेंगे तो पशु बनेंगे। एक जन्म बिगडऩे से मनुष्य के तीन जन्म बिगड़ जाते हैं। यज्ञ का फल बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे देवता प्रसन्न होते हैं, क्योंकि यह उनका भोजन है। प्रसन्न होकर देवता वर्षा करते हैं, जिससे जीवन बचता है। इस दौरान आयोजित 11 कुंडीय यज्ञ में 11 जोड़ों ने अनुष्ठान किया।










