मोबाइल कंपनी को ५० हजार का जुर्माना
जिला उपभोक्ता फोर्म ने एक अहम फैसला सुनाते हुए एक मोबाइल कंपनी पर ५० हजार रुपए जुर्माना व ५ हजार रुपए उपभोक्ता को अदालती खर्च देने का फैसला सुनाया है तथा उक्त राशि उपभोक्ता को डेढ़ माह के भीतर देने का आदेश जारी किया है।
जिले के सरदुलगढ़ कस्बा निवासी प्रमोद कुमार पुत्र हेमराज ने कंज्यूमर प्रोडक्शन एक्ट १९८६ के तहत जिला उपभोक्ता फोर्म के पास दर्ज कराई शिकायत नंबर २९० तिथि २१ अक्टूबर २००९ में बताया कि उसने सरदुलगढ़ के अरोडा टैली कम्यूनीकेशन से कंपनी का नंबर ९८७२६-५९१०४ १६ अप्रैल २००५ को लिया था। जिसे २६ अप्रैल २००५ को ही कंपनी ने बिना कोई चेतावनी नोटिस दिए बंद कर दिया। जिसके बाद उपभोक्ता द्वारा मामला जिला उपभोक्ता फोर्म के समक्ष उठाया गया था। जिसके बाद फोर्म ने कंपनी को उक्त मोबाइल कनेक्शन दोबारा रेगूलर चालु करने के साथ दो हजार रुपए जुर्माना व एक हजार रुपए अदालती खर्च उपभोक्ता को देने का फैसला सुनाया था, लेकिन कंपनी ने १५ अक्टूबर २००९ को बिना कोई नोटिस दिए उक्त नंबर को फिर बंद कर दिया तथा उपभोक्ता ने २१ अक्टूकर २००९ को दोबारा अपने एडवोकेट प्रिथीपाल सिंह के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोर्म में केस दायर कर दिया।
जबकि कंपनी की तरफ से एडवोकेट एसपी गुप्ता पेश हुए थे। जिला उपभोक्ता फोर्म के चेयरमैन जार्ज शरत चंदर व नीना रानी गुप्ता बतौर सदस्यों ने संयुक्त रूप से पीडि़त द्वारा पेश किए सबूतों व एडवोकेट प्रिंथीपाल सिंह की दलीलों से सहमत होते हुए कंपनी को ५० हजार जुर्माना व ५ हजार अदालती खर्च शिकायतकर्ता को डेढ़ माह में अदा करने का फैसला सुनाया है।










