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Tuesday, Feb 9th, 2010, 1:00 pm [IST]  

danik bhaskarकैसे होगा प्रतिभा का मूल्यांकन

सुखदेव सिंह & गुरदा

गुरदासपुर

पांचवीं कक्षा की सालाना परीक्षा स्कूल स्तर पर ही होने से अब सरकारी व निजी स्कूलों में संबंधित कक्षा में शिक्षा ले रहे बच्चों के फेल होने की संभावना काफी कम हो गई है। इसका कारण सरकारी स्कूलों सहित निजी स्कूल के स्टाफ द्वारा ही परीक्षा लेना, उत्तर कापियां का मूल्याकंन व परिणाम तैयार करना है। सरकार के इस फैसले से बच्चों पर परीक्षा का भय तो समाप्त होगा, परंतु इसकी कई खामियां सामने आएंगी। कुछ लोग सरकार के इस कदम को सही मान रहे और कुछ लोगों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

निजी स्कूलों की दादागिरी बढ़ेगी

च्च्शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल स्तर पर पांचवीं की परीक्षा लेने के फैसले से निजी स्कूल प्रबंधक इसका पूरा-पूरा फायदा उठाएंगे। निजी स्कूल वाले अपने स्कूल के परिणाम शत प्रतिशत कराने के लिए मनमर्जी के नंबर लगाकर बच्चों को अच्छी पोजीशनें दिलाने की कोशिश कर देंगे। उनकी दादागिरी बढ़ेगी। इससे तो बेहतर था कि पांचवीं कक्षा का बोर्ड ही नहीं तोड़ते।ज्ज्

अमन कुमार, अभिभावक

विशेष परीक्षा केंद्र बनाने चाहिए

च्च्सरकार को स्कूल स्तर की बजाए जिले में विशेष परीक्षा केेंद्र स्थापित करने चाहिए थे ताकि बच्चों में सालाना परीक्षाओं में अच्छे अंक व पोजीशन हासिल करने की इच्छा बनी रहे। इस फैसले से सरकारी स्कूलों की बजाय निजी स्कूलों को अधिक लाभ मिलेगा। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने के प्रयास विफल हो जाएगा। इसलिए सरकार को बोर्ड कैंसल नहीं करना चाहिए था।ज्ज्

नीरज कुमार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में टीचर्स की कमी पूरी करने और शिक्षा कार्यों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए ठेके पर भर्ती किए गए अध्यापकों को करीब साढ़े तीन साल बाद जहां स्थायी किए जाने का दावा किया जा रहा है, वहीं सर्व शिक्षा अभियान अथॉर्टी परफार्मेंस को आधार बनाकर टीचरों को पक्का करने की योजना पर काम कर रही है। डीजीएसई कार्यालय ने प्रदेश के सभी डीईओज को टीचरों की परफार्मेंस रिपोर्ट और रिकार्ड बुक तैयार करने के लिए पत्र जारी कर दिया है।

अथॉर्टी के स्टेट प्रोजैक्ट डायरैक्टर ने सभी डीईओ (ए) को पत्र जारी कर कहा है कि हर प्राइमरी/अप्पर प्राइमरी टीचर की रिकार्ड बुक बनाई जाए और भविष्य में उनके एग्रीमैंट प्रिंसीपल की परफार्मेंस रिपोर्ट के आधार पर बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा सेवा रिकार्ड बुक के लिए स्थायी टीचरों के लिए इस्तेमाल होने वाली सर्विस बुक ही लगाई जाएंगी। इस पर प्राइमरी/अप्पर प्राइमरी टीचर की हाजिरी की तिथि मेनटेन की जाएगी, लेकिन इसमें भरा जाने वाला विवरण स्कूल का प्रिंसीपल कर्मचारी की निजी फाइल देखकर भरेगा।

जून माह में लिखेंगे रिपोर्ट

डीजीएसई कार्यालय के अनुसार स्कूल का प्रिंसीपल शिक्षासत्र पूरा होने के बाद जून माह में रिकार्ड लिखेगा और हर साल 15 जून तक डीईओ (ए) कार्यालय को भेजा जाएगा। मुख्य कार्यालय ने टीचरों की सालाना कारगुजारी रिपोर्ट का परफार्मा तैयार कर डीईओ को भेज दिया है। इसमें उनका निजी विवरण, सेवा विवरण, सालाना परिणाम के अलावा स्कूली कार्य और गतिविधियों का विवरण भी मांगा गया है। परफार्मा में प्रिंसीपल को साफ लिखा गया है कि मुख्य कार्यालय को बताया जाए कि टीचर की एग्रीमैंट बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं।

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