मंत्री जी से थे अच्छे संबंध, अब वही हैं जान के दुश्मन
एमपी रेणुकाचार्य और एलए जयलक्ष्मी के संबंध कभी काफी अच्छे हुआ करते थे और दोनों की दोस्ती की मिसालें दी जाती थीं लेकिन अब मामला बिलकुल उलट गया है। रेणुकाचार्य को मध्य कर्नाटक के होन्नाली से दूसरी बार चुने जाने के बाद मंत्रिमंडल में ले लिया गया है। उधर, जयलक्ष्मी का कहना है कि रेणुकाचार्य ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है और ऐसे व्यक्ति को मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए। मामला कोर्ट में भी चल रहा है और स्थानीय अदालत ने रेणुकाचार्य को पेश होने के आदेश भी दिए थे लेकिन वे अदालत नहीं पहुंचे। जयलक्ष्मी का कहना है कि उस पर इस बात के लिए काफी दबाव डाला जा रहा है कि मैं अपनी शिकायतें वापस ले लूं।
साथ में कॉलेज भी खोला था
लगभग दस साल पहले जयलक्ष्मी और रेणुकाचार्य के बीच दोस्ती हुई थी जब शिमोगा के एक मेडिकल कॉलेज में दोनों काम करते थे। जयलक्ष्मी नर्स थीं और रेणुकाचार्य के साथ उनकी दोस्ती बढ़ने के साथ ही उन्होंने खासी दौलत भी बटोरी। शादीशुदा और दो बच्चों के पिता रेणुकाचार्य ने जयलक्ष्मी के साथ मिलकर नर्सिग कॉलेज भी खोला लेकिन वह सफल नहीं रहा और दोनों के बीच दोस्ती में भी दरार पड़ गई।
जयलक्ष्मी ने रेणुकाचार्य के खिलाफ पहले राज्य महिला आयोग और पुलिस की मदद ली और फिर अदालत की। कुछ समय के लिए जयलक्ष्मी विदेश चली गई थीं लेकिन रेणुकाचार्य को मंत्री बनाए जाने के बाद बेंगलुरु आकर उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया और अब उनकी मांग है कि रेणुकाचार्य को मंत्री पद से हटाया जाए।



