गांवों में खुले मेडिकल स्टोर वैध या अवैध!
प्रदीप जांगड़ा & फतेहाबाद
गांवों में खुले मेडिकल स्टोर की मान्यता को लेकर स्वास्थ्य विभाग असमंजस की स्थिति में है। स्वास्थ्य विभाग के नियम के मुताबिक किसी मान्य चिकित्सक परामर्श के बगैर मेडिकल संचालक किसी मरीज को दवा नहीं दे सकते। चूंकि प्रत्येक गांव में मान्यता प्राप्त चिकित्सक नहीं है, इसलिए मेडिकल संचालक बगैर की परामर्श के दवाएं बेच रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग गांवों में मेडिकल खोलने के लिए लाइसेंस जारी कर रहा है।
जिले में मौजूदा समय में करीब 160 गांवों में लाइसेंसशुदा मेडिकल स्टोर हैं। मेडिकल संचालक न केवल चिकित्सकों की पर्ची के बगैर दवाएं बेच रहे हैं, बल्कि खुद भी बतौर चिकित्सक प्रैक्टिस कर रहे हैं। हालांकि विभाग इन्हें लोगों की सुविधा के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन कुछ मेडिकल संचालक लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहे हैं।
क्या हैं विभाग के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग का निर्देश है कि कोई भी मेडिकल संचालक किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सक के परामर्श के बगैर किसी मरीज को दवा नहीं दे सकते। ग्राहक को दवा देने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक की पर्ची लेनी होगी, जिस पर चिकित्सक के हस्ताक्षर होंगे। यह पर्ची मेडिकल संचालकों को अपने रिकॉर्ड में भी रखनी होगी। लाइसेंस जारी करने से पूर्व दुकान का नक्शा पास कराना पड़ता है। दुकान के आसपास कौन सा अस्पताल है, यह भी बताया जाता है। यदि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में खुले हुए मेडिकल स्टोर की मौजूदा स्थिति देखें तो उपरोक्त औपचारिकताएं पूरी करने का कोई औचित्य नहीं है।
लाइसेंस का हो रहा दुरुपयोग
मेडिकल संचालकों को मरीज की विभिन्न बिमारियों व उससे संबंधित दवा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसलिए सरकार की ओर से उन्हें चिकित्सक के तौर पर प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होती। मौजूदा समय में अधिकांश चिकित्सक शहरों में काम कर रहे हैं। जो मरीज शहर के चिकित्सक के पास आते हैं, वे वहीं से किसी मेडिकल स्टोर से दवा खरीद लेते हैं। ऐसे में ग्रामीण मेडिकल संचालकों के लिए बगैर परामर्श के दवा देना मजबूरी बन चुकी है। इसलिए ये लोग न केवल बगैर पर्ची के दवा दे रहे हैं, बल्कि चिकित्सक के तौर पर भी प्रैक्टिस कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए इन्हें मान्यता देना सही है, लेकिन इसकी आड़ में कुछ मेडिकल संचालक प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहे हैं।
कुछ दवाओं पर प्रतिबंध
ञ्चग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए मेडिकल लाइसेंस जारी किए गए हैं। गांवों में खुले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के परामर्श के आधार पर साधारण दवाइयां दे सकते हैं। कुछ दवाएं हैं, जो योग्य चिकित्सक की सलाह के बगैर नहीं बेची जा सकती। ऐसी दवाएं बेचने पर प्रतिबंध है। कुछ दवाएं चिकित्सक की पर्ची के बगैर बेच सकते हैं। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। ज्ज्
डॉ. पदम राठी, ड्रग्स कंट्रोलर











