Wednesday, Feb 10th, 2010, 1:25 am [IST]  
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danik bhaskarमौजूदा विधायक फिसड्ïडी, पुरानों ने मारी बाजी

अलवर। पंचायत चुनावों में जिले के लगभग सभी विधायक अपनी परफोरमेंस दिखाने में फिसड्ïडी साबित हुए। इन विधायकों के क्षेत्रों में उनकी पार्टी को पिछडऩा पड़ा। चिकित्सा मंत्री दुर्रूमियां के चुनाव क्षेत्र तिजारा में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिल सका। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समर्थलाल मीणा के चुनाव क्षेत्र रैणी में तो भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल सकी। रामगढ़ इलाके में कांग्रेस के पूर्व विधायक जुबेर खान ने अपनी पकड़ साबित कर पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाया है।

अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली उमरैण पंचायत समिति क्षेत्र में अपना प्रभाव नहीं जमा सके। उनके विश्वस्त सहयोगी मौजूदा प्रधान जाकिर हुसैन को भी नहीं जिता सके। यहां से 13 निर्दलीय जीते हैं जबकि कांग्रेस को केवल 6 सीटें मिली हैं। पांच सीटें बसपा ने हासिल की हैं। चार जिला परिषद वार्ड वाले इस इलाके में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली है जबकि बसपा ने दो और निर्दलीय ने एक सीट हासिल की है।

चिकित्सा मंत्री दुर्रूमियां तिजारा पंचायत समिति में कांग्रेस को जीत नहीं दिला सके। इक्कीस सदस्यों वाली इस पंचायत समिति में कांग्रेस के केवल 7 सदस्य जीते हैं। सात सीटों पर निर्दलीय विजयी हुए हैं। जिला परिषद के चार वार्ड 44 से 47 में कांग्रेस का केवल एक सदस्य जीता है। तीन सीटों पर भाजपा ने परचम फहराया है।

बानसूर विधायक डॉ.रोहिताश्व शर्मा के चुनावी इलाके में भाजपा को कांग्रेस से तीन सीटें कम मिली हैं। कांग्रेस ने 11 एवं निर्दलीयों ने 6 सीटें जीती हैं। जिला परिषद के चार वार्ड 11 से 14 में सभी सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल कर भाजपा को करारा झटका दिया है।

बहरोड़ विधायक डॉ.जसवंत यादव के चुनावी इलाके में भी निर्दलीय हावी रहे हैं। डॉ. यादव ने जिला परिषद के वार्ड 4 से अपनी भतीजी पूजा यादव को जरूर जिता लिया, लेकिन पंचायत समिति में वे भाजपा का प्रधान पद का एक भी प्रत्याशी नहीं जिता सके। जिला परिषद के तीन सदस्यों वाले इस क्षेत्र में एक पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुई है।

कठूमर पंचायत समिति क्षेत्र में भाजपा विधायक बाबूलाल बैरवा 25 में से केवल 4 सीटें ही दिला सके। यहां से 12 निर्दलीय जीते हैं। कांग्रेस को मिली 8 सीटों में पार्टी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष रमेश खींची का प्रभाव माना जा रहा है। जिला परिषद के चार वार्डों वाले इस इलाके में भाजपा ने तीन सीटों पर कब्जा जमाने में सफलता हासिल की है। कांग्रेस के खाते में केवल एक सीट गई है।

मुंडावर विधायक मेजर ओपी यादव के चुनाव क्षेत्र की पंचायत समिति के 25 वार्डों में कांग्रेस को भाजपा से आधी सीटें ही मिली हैं। भाजपा ने दस सीटों पर विजय हासिल की है जबकि कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमटकर रह गई है। भाजपा की जीत में पूर्व विधायक धर्मपाल चौधरी का प्रभाव काम आया। जिला परिषद के चार वार्डों वाले इस इलाके में कांग्रेस का केवल एक प्रत्याशी ही जीता है। धर्मपाल चौधरी की पुत्रवधू सहित तीन सीटों पर भाजपा जीती है।

थानागाजी पंचायत समिति क्षेत्र में भाजपा विधायक हेमसिंह भड़ाना अपनी पार्टी को बढ़त नहीं दिलवा सके। यहां कांग्रेस व भाजपा को 8-8 सीटें मिली हैं जबकि 5 सीटों पर निर्दलीय जीते हैं। जिला परिषद के चार वार्डों वाले इस इलाके में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिल सकी। जिला परिषद की तीन सीटों पर कांग्रेस को कामयाबी मिली है। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुआ है।

रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा अपने चुनाव क्षेत्र की पंचायत समिति में भाजपा को कामयाबी नहीं दिलवा सके। 25 सीटों वाली इस पंचायत समिति में भाजपा को केवल 6 सीटें मिली हैं जबकि कांगे्रस ने 16 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। जिला परिषद के चार वार्डों में भाजपा व कांग्रेस को दो-दो सीटें मिली हैं।

राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक सूरजभान धानका के चुनाव क्षेत्र में उनकी पार्टी सपा ने पंचायत समिति चुनाव लड़ा ही नहीं।

बहरोड़. प्रधान के जोड़तोड़ की गणित की चर्चा में मशगूल ग्रामीण।

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