दो साल में मेडिकल कालेज
रायगढ़. औद्योगिकरण के कारण यह शहर छत्तीसगढ़ में अपनी अलग पहचान बना चुका है। महानगरों की तर्ज पर शहर दिनों-दिनों विकसित होता जा रहा है। ऐसे में शहर को लंबे समय से मेडिकल कालेज का इंतजार था। इस कालेज के निर्माण के लिए भूमि का चयन पहले ही कर लिया गया है।
वर्तमान में शहर के करीब स्थित गोकुल नगर में करीब 25 एकड़ जमीन पर मेडिकल कालेज का निर्माण किया जाना है। विदित हो कि शहर में मेडिकल कालेज खोले जाने की मांग तीन दशक पुरानी है। जहां छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद कांग्रेस के शासन काल में तात्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता की पहल पर लोहरसिंह में मेडिकल कालेज निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था।
वहां मेडिकल कालेज के लिए बाउंड्रीवाल भी घेरा जा चुका था, लेकिन इसी बीच सत्ता परिवर्तन होने के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में इसके निर्माण को लेकर लोहरसिंह के ग्रामीणों ने उसी स्थान पर मेडिकल कालेज के निर्माण किए जाने को लेकर आंदोलन भी छेड़ दिया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं और कई सालों तक यह मामला पेंडिंग पड़ा रहा।
वहीं, अब भाजपा के शासनकाल में मेडिकल कालेज के निर्माण को लेकर फिर से आस जगी। लोहरसिंह शहर से काफी दूर पड़ने के कारण शहर के अंदर जमीन का तलाश की गई। शहर के करीब भूमि का तलाश गोकुल नगर में पूरी हुई। गत विधानसभा चुनाव के पहले मुख्मंत्री रमन सिंह ने 2008 के आखिर में इसकी घोषणा के साथ ही शिलान्यास किया।
वहीं तकरीबन डेढ़ साल पहले पहले मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए पहली दफा बजट आबंटन किया गया था। वहीं बजट राशि जारी किए जाने के कुछ समय बाद इसे लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। अब निविदा होने के बाद का निर्माण कार्य शुरू होने की स्थिति में है।
इसके लिए दो साल की समय सीमा निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों नगर निगम सभापति कार्यभार ग्रहण समारोह में जिले के प्रभारी व स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने बताया था कि पिछले 15 साल में शहर ने आर्थिक रूप से बहुत प्रगति की है और यह प्रगति निरंतर जारी रहेगी।
मेडिकल कालेज का लोगों को लंबे समय से इंतजार था। मेडिकल कालेज के लिए टेंडर भी पास हो चुका है। जिसका कार्य सप्ताह भर के अंदर शुरू कर देने की बात कही थी। ऐसे में अब मेडिकल कालेज का निर्माण होना सुनिश्चित है। जिसके लिए शहरवासियों को तकरीबन और दो साल का इंतजार करना पड़ सकता है।
ऐसा होगा कालेज का स्वरूप
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल कालेज निर्माण के लिए 150 ड्राईंग्स सीट प्राप्त हो चुकी हैं। जिसके आधार पर बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है। इसमें सेवन स्टोरी का अस्पताल और थ्री स्टोरी का कालेज सहित मैक्सीमम थ्री स्टोरी का बिल्डिंग होगी। जिसमें टाईप वन से सेवन तक अधिकारी निवास स्थान बनाया जाएगा।
टाईप टू के लिए अप्रूवल नहीं होने के कारण इसे छोड़ दिया गया है। इसके अलावा आडिटोरियम बिल्डिंग होगी जिसमें 125-125 बेड का गल्र्स और ब्याय हास्टल की सुविधा होगी। साथ ही साथ वालीबाल और बैंडमिंटन ग्राउंड सहित गार्डन निर्माण के लिए भी जगह छोड़ी गई है। रोड़ कांक्रीटीकरण व फुटपाथ निर्माण के अलावा अस्पताल के किनारे बनने वाली रोड़ की चौड़ाई 55 फुट रखी गई है। इससे आने-जाने में काफी सहुलियत होगी।
पांच सौ बिस्तरों का होगा मेडिकल कालेज
तकरीबन पांच सौ बेड लगाने का प्लान बनाया जा रहा है, इस संबंध में चर्चा करने पर डा. एसएल आदिले, डीएमई चिकित्सा शिक्षा ने बताया कि वर्तमान में बिस्तरों की संख्या तीन सौ होगी। आगे चलके बिस्तरों की संख्या को तीन सौ से बढ़ाकर पांच सौ कर दी जाएगी।
साथ ही मेडिकल कालेज में सारी सुविधाएं मुहैय्या कराई जाएगी। इसके अलावा मेडिकल कालेज में भर्ती प्रक्रिया शासन के अन्य कालेजों की तरह होगी। मेडिकल कालेज के लिए दो साल का अनुबंध किया गया है। इसके बाद ही कालेज शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
निर्माण कार्य शुरू
ई पीडब्ल्यूडी व्हीएस कोरम ने बताया कि मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए हैदराबाद की कंपनी रामके को ठेका दिया गया है। पिछले सप्ताह से ही कंपनी द्वारा सर्वे किया जा चुका है और वर्तमान में मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य जारी है। वहीं, इसके निर्माण के लिए शासन द्वारा दो साल का समय काम पूरा करने के लिए निर्धारित किया गया है। संभवत: ढाई साल के अंदर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।










