चंगुल में फंस रहे घर का सपना देखने वाले लोग!
भास्कर संवाददाता & सुसनेर
नगर में अवैध रूप से कॉलोनियों काटी जा रही हैं। घर बनाने का सपना देखने वाले लोग इनके चंगुल में फंस भी रहे हैं। प्रशासनिक उदासीनता से अवैध कॉलोनाइजरों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। इसी के चलते उज्जैन, इंदौर और देवास के कॉलोनाइजर आ धमके हैं। इंदौर- कोटा राजमार्ग से लगी भूमि तथा विद्युत मंडल के आसपास की भूमि मोड़ी सुसनेर मार्ग की भूमि उज्जैन, इंदौर और देवास के कुछ बड़े कॉलोनाइजरों ने महंगे दामों पर खरीदी है और वे भी इन जगहों पर कॉलोनी काटने की तैयारी कर रहे हैं। कॉलोनाइजरों ने नगर के ही कुछ बेरोजगार युवकों को अच्छी कमाई का लालच देकर अपना एजेंट बना लिया है तथा उनके जरिए ही प्लाटों को बेचने का धंधा किया जा रहा है। इन कालोनियों के जगह -जगह लगे पोस्टर बैनरों में कॉलोनी में सड़कें और पेयजल टंकी तथा बगीचा होने का सब्जबाग भी लोगों को दिखाया जा रहा है। साथ ही एक प्रशासनिक अधिकारी के परिवार के सदस्य भी एक कॉलोनाइजर से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। जिन जगहों पर कॉलोनियां काटी जा रही हैं उनके डायवर्शन शुल्क के लाखों के राजस्व की प्राप्ति से शासन अभी तक वंचित है।
ञ्चकॉलोनाइजरों को कॉलोनी का लाइसेंस जारी करने तथा अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनियों पर कार्रवाई करने का अधिकार एसडीएम को है। नगर पंचायत को इससे कोई लेना देना नहीं। कॉलोनी का लाइसेंस जमा हो जाने पर नगर पंचायत को उस कॉलोनी में भवन निर्माण की अनुमति देने का ही अधिकार है।
- जी.डी. शर्मा, सीएमओ
ञ्चअभी तक इस संबंध मे कोई शिकायत नहीं मिली है शिकायत मिलने पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
- रेखा राठौर, एसडीएम










