वेंटीलेटर पर भी किडनी दान की आस
कोटा. तीन साल से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे बुजुर्ग शिक्षक मनोहरस्वरूप भटनागर मरणोपरांत अपनी किडनी और आंखे दान करना चाहते हैं, लेकिन राज्य में मरणोपरांत किडनी प्रत्यारोपण (कैडेवरिक किडनी ट्रांसप्लांट) की सुविधा नहीं होने से उनकी यह इच्छा शायद ही पूरी हो सकेगी।
गुर्दा रोग विशेषज्ञों के अनुसार कैडेवरिक किडनी प्रत्यारोपण उस स्थिति में ही संभव है, जब डोनर वेंटीलेटर पर हो और मस्तिष्क निष्क्रिय होने के बावजूद उसकी धड़कन चल रही हो। महाराव भीम सिंह अस्पताल की स्ट्रोक यूनिट में भर्ती बारां निवासी भटनागर को दिसम्बर 2006 में पक्षाघात (ब्रेन स्ट्रोक) हुआ था, जिससे उनकी यादाश्त चली गई और अब वे बोलने में भी सक्षम नहीं हैं।
पुत्र धीरज भटनागर ने बताया कि उनके पिता आंखें और किडनी दान करना चाहते हैं, परिवार के सदस्य भी उनकी इस इच्छा को पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वेंटीलेटर पर होने से उन्हें किडनी दान के लिए कोटा से बाहर ले जाना संभव नहीं है। जवाहर क्लब बारां से जुड़े मनोहरस्वरूप भटनागर बीते दिनों में अच्छे फुटबाल खिलाड़ी रहे हैं, वे कुश्ती के भी शौकीन रहे हैं।
रोगी का नेत्रदान यहां संभव हो सकेगा, लेकिन मरीज के वेंटीलेटर पर होने और राज्य में कैडेवरिक किडनी दान की सुविधा न होने से इसमें दिक्कत आ सकती है।
-डॉ. विजय सरदाना, विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी, एमबीएस अस्पताल
राज्य में डेढ़ माह बाद शुरू होगी सुविधा
सवाईमानसिंह अस्पताल, जयपुर के नेफ्रालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एलसी शर्मा बताते हैं कि जयपुर में लाइव किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन कैडेवरिक किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा डेढ़ माह बाद शुरू हो सकेगी। अभी यह सुविधा दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु सहित कुछ राज्यों में ही उपलब्ध है।
मांगा ज्यादा, प्रत्यारोपण कम
देश में इस समय डेढ़ लाख रोगी किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची में हैं, जबकि प्रतिवर्ष मात्र ३२क्क् किडनी डोनर ही मिल रहे हैं। किडनी प्रत्यारोपण में 3 से 5 लाख रुपए खर्च आता है और ऑपरेशन के बाद दवाआें पर प्रतिमाह 10 हजार रुपए खर्च होते हैं।
इंटरनेट पर करेंगे अपील
भटनागर के पुत्र धीरज ने बताया कि वे किसी गरीब को किडनी दान करना चाहते हैं, लेकिन राज्य में कैडेवरिक ट्रांसप्लांट सुविधा नहीं होने से वे इंटरनेट के जरिए अपील करके पिता की किडनी दान की इच्छा पूरी करने का प्रयास करेंगे।











