अमेरिका में गूंजा अम्बाला के स्टूडेंट का शोध
अम्बाला.कई प्रदेशों में अपनी जलधारा बहाकर पाकिस्तान तक जाने वाली सतलुज नदी पर अम्बाला के लेक्चरर के शोध को अमेरिकन जर्नल नेचर एंड साइंस ने प्रकाशित किया है। युवा लेक्चरर ने हाल में हिमाचल में सतलुज की सफाई के रिजल्ट जानने के लिए काम किया।
रिजल्ट में सामने आया कि नदी के सफाई अभियान ने इसके पानी की शुद्धता को बहुत हद तक सही बनाया है। एसडी कालेज फिजिक्स विभाग के डा. प्रेम ने अपने शोध कार्य के लिए सतलुज नदी को चुना। चूंकि हाल में हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसकी सफाई पर काफी काम किया था।
डा. प्रेम ने जानना चाहा कि क्या वाकई इन अभियानों का फर्क सामने आ रहा है। उनका कहना है कि अगर ऐसे नदियों की सफाई का काम और साथ में इन पर रिसर्च का काम साथ चलें।
निश्चित रूप से हम जीवनदायनी नदियों का संरक्षण कर पाएंगे हिमाचल में बिलासपुर, ततापानी,सूनी आदि विभिन्न जगहों से सेंपल लिए गए। इन सेंपल को पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित एडवांस लेब में टेस्ट किया गया। करीब तीन महीने की प्रक्रिया इस पर चली। इस पूरे शोध को विश्व के जाने माने शोध पत्र प्रकाशित करने वाले अमेरिकन जर्नल नेचर एंड साइंस में बहुत बेहतर बताया गया।
रिसर्च में सिर्फ नदी की स्वच्छता को जानने का ही प्रयास नहीं किया गया। बल्कि इस नदी के कुछ स्थानों पर गर्म पानी निकालने के कारणों को भी खोजा गया। डा. प्रेम ने अपने शोध में बताया कि इसका स्रोत सल्फर है। यह अपने आप में कुदरत का नायाब तोहफा है।










