तड़के तक गिने गए वोट
पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य पदों के लिए मतगणना सोमवार तड़के तक चली। इस दौरान मतगणना स्थल बालकृष्ण स्कूल में अव्यवस्थाएं फैल गईं। मतगणना में ढिलाई बरतने से परिणाम जानने के उत्सुक लोगों को और गणनाकर्मियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांकरोली के राजकीय बालकृष्ण विद्याभवन उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन पर्चियां जमाने में ही काफी वक्त लग गया, जिससे पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना करीब 12 बजे शुरू हो पाई। बारह बजे गणना शुरू होने के बाद भी पहला परिणाम शाम करीब 6 बजे घोषित किया गया। इसके बाद भी परिणामों की घोषणा में काफी वक्त लगाया गया, जिससे न सिर्फ मतगणना स्थल पर मौजूद प्रत्याशियों, बल्कि ग्राउंड में खड़े परिणाम जानने के उत्सुक समर्थकों को भी काफी इंतजार करना पड़ा। पंस राजसमंद के वार्ड नं. 5 के रिजल्ट की घोषणा रात 12 बजे हुई। इसके बाद जिला परिषद सदस्यों की मतगणना हुई, जो सुबह करीब 5.30 बजे तक चली। इस स्थिति के चलते परिणाम जानने के उत्सुक लोग भी काफी परेशान हो गए, जो देर रात तक मौके पर ही डटे रहे। वे बार-बार अंदर बैठे अपने मित्र तथा मिलने वाले को परिणाम जानने को लेकर फोन करते रहे।
पानी भी स्वच्छ नहीं : कहने को तो मतगणना स्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था कर रखी थी। यहां पानी से भरे बड़े-बड़े ड्रम रखे गए थे, लेकिन सभी ड्रमों में मिट्टी भरी हुई थी। इसके अलावा पीने के पानी के लिए ग्लासों की व्यवस्था भी नहीं थी। पानी गिरने से जगह-जगह कीचड़ भी फैला हुआ था। चाय के लिए पर्यावरण की दृष्टि से अनुचित होने के बाद भी प्रशासन ने प्लास्टिक के डिस्पोजल ग्लासों की व्यवस्था कर रखी थी। शहर में नगरपालिका राजसमंद अब तक कई बार प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लासों के विरुद्ध अभियान भी चला चुकी है।
चाबी गायब : मतगणना का कार्य शुरू होने के बाद मुख्यद्वार पर ताला लगा दिया था। ऐसे में दरवाजे पर खड़ा रहने वाला व्यक्ति भी बार-बार चला जाता था। ताला नहीं खुलने से कई बार आने-जाने वालों को काफी देर तक दरवाजे पर खड़े रहकर परेशान होना पड़ा। ऐसा ही वाकया दोपहर करीब 12 बजे पेश आया, जब चाबी खो गई। कुछ देर बाद चाबी मिलने पर दरवाजे को खोला गया।
नोटिस बोर्ड पर रिजल्ट चस्पा नहीं : विद्यालय में आमेट पंचायत समिति के लिए एक कक्ष तथा खमनोर, कुंभलगढ़, भीम, देवगढ़ तथा रेलमगरा के लिए दो कक्ष थे। सभी कक्षों में ब्लैक बोर्ड लगे थे, लेकिन ज्यादातर कक्षों में इन पर रिजल्ट चस्पा नहीं किए गए थे। यही नहीं मतगणना स्थल के बाहर भी परिणाम बताने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
क्या हैं नियम : चुनाव आयोग के नियामानुसार कक्ष में मतगणना के दौरान प्रत्येक राउंड में प्रत्याशी को प्राप्त मतों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना आवश्यक है। बाद में जीतने वाले व हारने वाले प्रत्याशियों को प्राप्त कुल मतों की संख्या तथा पार्टी का नाम लिखा जाता है। मतगणना कक्ष में मीडियाकर्मी जा सकते हैं, लेकिन प्रशासन के पूरे प्रयास रहे कि मीडिया की पहुंच वहां तक नहीं हो पाए।
ञ्चमतगणना कक्ष में सिर्फ प्रत्याशी या उनके अभिकर्ता ही जा सकते हैं, अन्य को प्रवेश नहीं दिया जा सकता।ज्ज्
ओंकारसिंह, कलेक्टर, राजसमंद










