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Wednesday, Feb 10th, 2010, 5:45 am [IST]  

danik bhaskarआसमान से बरसा सोना

भास्कर न्यूज& झज्ज्र

आसमान में सोमवार और मंगलवार को बादलों की हलचल से हुई बारिश का यही सिलसिला रहा तो किसानों की बल्ले-बल्ले हो सकती है, लेकिन बारिश के साथ मौसम का यह यू टर्न सेहत को भी नासाज कर सकता है।

बारिश से हुआ कीचड़

अचानक हुई इस बारिश से शहर जरूर बदसूरत हो गया। सोमवार को शाम से ही मौसम खराब होना शुरू हो गया था रात को तेज ठंडी हवा के साथ तेज बूंदाबांदी शुरू हो गई। मंगलवार की सुबह भी कमोबेश यही स्थिति रही। बदले मौसम के तेवरों से जहां देर रात तेज हवाएं चली और बूंदा-बांदी से किसानों की सांस एक बार फिर अटका दी थी। क्योंकि किसानों को लग रहा था कि बारिश के साथ कहीं ओला गिराना शुरू हो गए तो फसल खराब हो जाएगी। बारिश की वजह से शहर में जरुर स्थिति परेशानी भरी बन गई। सब्जी मंडी में हालात बद से बदतर बने हुए थे। चारों तरफ कीचड़ और गंदगी को देखकर ही लगता है कि यहां कई दिनों से सफाई नहीं हुई है। वहीं बस अड्डïे का भी कीचड़ के कारण बुरा हाल बना हुआ था। भारतीय मौसम विभाग नई दिल्ली के मुताबिक अगले दो दिनों तक बारिश के कोई आसार नहीं है। पश्चिमी विक्षोभों के चलते जो दबाव बना था। इस बार यह विक्षोभ ईरान की खाड़ी से बना है। लेकिन शुक्रवार को गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं शनिवार को बादल छाए रहेंगे। पश्चिमी विक्षोभों के चलते जो दबाव इन दो दिनों में बना था यह दबाव ज्यादा उग्र रुप नहीं ले सका, मंगलवार की सुबह हल्की बूंदा-बांदी में ही टल गया। हालांकि मंगलवार की रात को हुई बूंदा-बांदी से पारे में तो गिरावट दर्ज हुई किंतु तापमान में गिरावट भी किसानों के लिए वरदान साबित हो

रही है।

न ओला गिरे न तेज हवा चले:गांव जहाजगढ़ के किसान राजबीर ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से फसल ठीक होगी लेकिन ओला नहीं गिरे और तेज हवा नहीं चले।

क्योंकि इस समय गेहूं मेें बालियां निकल रही हैं। दो साल पहले ओलावृष्टिï होने से फसल को काफी नुकसान हुआ था। इस बार भी अगर ऐसा होता तो किसानों की कमर टूट जाती।

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