पढ़ाई के बाद अब पेट पर पड़ेगी हड़ताल की मार
नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय में जारी हड़ताल धरने-प्रदर्शन का खामियाजा छात्रों को पहले पढ़ाई के हर्जे और अब भूखा रखकर भुगतना होगा। विश्वविद्यालय शिक्षकों के विरोध-प्रदर्शन से जनवरी माह में जूझ चुके छात्रों को फरवरी माह में कर्मचारियों की हड़ताल का सामना करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय एवं कॉलेज कर्मचारी यूनियन की ओर से कर्मचारी हितों को लेकर 10 फरवरी से लेकर 23 फरवरी तक रैली, धरने-प्रदर्शन का आयेाजन किया जा रहा है जिसके चलते आने वाले दिनों में छात्रों की समस्याएं बढ़ने जा रही है।
डीयू कॉलेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रामसिंह राणा ने बताया कि अगामी १६ फरवरी व २३ फरवरी को मैस व हॉस्टल के सभी सहयोगी सीधे अपने घरों से धरना प्रदर्शन स्थलों पर पहुंच कर रैली में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की लम्बित पड़ी मांगों को लेकर यूजीसी अधिकारियों के साथ सात-आठ बैठक होने के बावजूद कर्मचारियों के हित में कोई भी फैसला लागू नहीं किया गया है, जिसके कारण हमें प्रदर्शन की राह पकड़नी पड़ी है।
यूनियन अध्यक्ष ने बताया कि १क् फरवरी से लेकर १५ फरवरी तक कर्मचारी बारी-बारी से से यूजीसी पर पहुंचकर धरने पर बैंठेंगे । १६ फरवरी को रैली निकाल कर यूजीसी मुख्यालय पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके बाद फिर से २२ फरवरी तक प्रदर्शन का यह सिलसिला जारी रहेगा। २३ फरवरी को संसद पर प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके बावजूद भी मांगे नहीं मानी जाती तो लगातार प्रदर्शन की राह पकड़ी जाएगी। उन्होंने बताया हमारी मजबूरी है अन्यथा ऐसी नौबत ही न आती। रामसिंह राणा ने बताया कि प्रदर्शन के चलते 16 व 23 फरवरी को न सिर्फ विश्वविद्यालय कर्मचारी कैम्पस नहीं पहुंचेंगे बल्कि हॉस्टल के मैस भी बंद रहेंगे, इसके अलावा लैब में प्रैक्टिकल नहीं होंगे, लाइब्रेरी में किताबें नहीं मिलेगी। 16 व 23 को डीयू हॉस्टल मैस रहेंगे बंद, डीयू व कॉलेज कर्मचारी यूनियन प्रदर्शन की राह पर।











