चार दिन में सप्लाई पर पसोपेश
वाटर ट्रेन आने के बाद भी शहरवासियों को पांच दिन के अंतराल में ही पानी नसीब होगा अथवा चार दिन में। इसे लेकर जलदाय विभाग के अधिकारी अभी पसोपेश में है।
अधिकारी उम्मीद तो कर रहे हैं कि वाटर ट्रेन व गोवटा से पानी परिवहन के बाद जलापूर्ति अंतराल घटाकर चार दिन कर दिया जाएगा। लेकिन इसमें परेशानी भी है। अभी शहर में रोजाना लगभग 140 लाख लीटर पानी सप्लाई हो रहा है। फरवरी तक वाटर ट्रेन से रोजाना 14.40 लाख लीटर पानी आएगा। तीन-चार दिन में गोवटा बांध से भी पानी परिवहन शुरू होने की संभावना है। विभाग का दावा है कि गोवटा से लगभग 15 लाख लीटर पानी परिवहन किया जाएगा। उधर, बताया जा रहा है कि सड़क व दूरी के कारण एक दिन में 15 लाख लीटर पानी परिवहन करना संभव नहीं होगा। जलापूर्ति अंतराल चार दिन में करने के लिए न्यूनतम 170 लाख लीटर पानी की आवश्यकता पड़ेगी। विभागीय अधिकारी इस उधेड़बुन में लगे हैं कि वाटर ट्रेन व गोवटा का पानी मिलाकर कुल 170 लाख लीटर पानी हो जाए।
गोवटा से विरोध की सुगबुगाहट
भीलवाड़ा& गोवटा बांध से शहर में पानी परिहवन करने के लिए वहां लिफ्टिंग सिस्टम लगाने के साथ ही स्थानीय लोगों के विरोध की भी सुगबुगाहट होने लगी है। हालांकि विभागीय अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि गांव वालों ने पानी परिवहन करने वाले ठेकेदार को फोन पर विरोध दर्ज करवाते हुए कहा कि वे पानी परिवहन नहीं होंगे। ठेकेदार ने इस स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत करवा दिया।











