मोनो रेल को हरी झंडी
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वे में जोधपुर में नागौर रोड से पाली रोड के बीच सिंगल लाइन पर मेट्रो ट्रेन चलाना उपयुक्त माना गया है। जबकि मोनो रेल को हरी झंडी देते हुए इसे शहर के लिए शत प्रतिशत फिजिबल बताया गया है।
सड़कों की जमीनी हकीकत जानने के बाद विलबर्स स्मिथ एसोसिएट ने जोधपुर विकास प्राधिकरण को सौंपी अंतरिम रिपोर्ट में नागौर रोड से पाली रोड तक मेट्रो ट्रेन चलाने की संभावना जताई है। आईआईटी, एनएफडी, साइंस पार्क व एम्स बनने के बाद मेट्रो ट्रेन में रोजाना तीस हजार यात्रियों के सफर करने की उम्मीद जताते हुए नागौर रोड से पाली रोड तक का रूट मार्ग दर्शाया गया है।
इस अंतरिम रिपोर्ट के बाद अब जोधपुर का ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। विलबर्स स्मिथ एसोसिएट ने स्टडी एरिया का डवलपमेंट व मास्टर प्लान, शहर में वर्तमान व भावी योजनाएं, जमीन का उपयोग, जनसंख्या व रोजगार, डेमोग्राफिक एंड सोशल इकोनामिक पैटर्न, ट्रेवल व ट्रैफिक करेक्टर, रोड नेटवर्क, बस रूट, नगरीय वाहन और किराया, वाहन रजिस्ट्रेशन, एक्सीडेंट, फ्लाईओवर, एमआरटीएस आदि डवलपमेंट प्लान पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इंडस्ट्रीज व टूरिज्म, यातायात आधारभूत सुविधाओं का बजट व खर्च का डाटा एकत्र कर अतंरिम रिपोर्ट तैयार की है।
मोनो रेल की शत प्रतिशत संभावना
एक महीने में जोधपुर के यातायात दबाव वाले मुख्य चौराहों पर अध्ययन कर निष्कर्ष निकाला गया है कि जालोरी गेट व पावटा चौराहे पर सर्वाधिक वाहन सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 से 6 बजे तक गुजरते है।
सर्वाधिक यातायात दबाव महामंदिर, पावटा, नई सड़क, सोजती गेट, जालोरी गेट, आखलिया चौराहे व रिक्तिया भैरूजी चौराहे पर होता है। इस वजह से शहर में मोनो रेल की शत प्रतिशत संभावना है। अंतरिम रिपोर्ट में इस यातायात को कम करने के लिए मोनो रेल को उपयुक्त बताया गया है।
जोधपुर का ट्रैफिक प्लान 15 फरवरी तक
अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर अब अगले 25 साल के शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्लान बनाया जा रहा है। मोनो रेल व मेट्रो ट्रेन की संभावना जताते हुए उसका रूट चार्ट भी होगा। ट्रैफिक प्लान 15 फरवरी को बनकर तैयार होगा। 28 फरवरी को टाउन हाल में इस प्लान व मेट्रो ट्रेन की संभावना पर खुली चर्चा होगी। उसके बाद मेट्रो ट्रेन की योजना बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
जयपुर में डबल और जोधपुर में सिंगल
जयपुर में यातायात दबाव को देखते हुए सर्वे में डबल लाइन पर मेट्रो ट्रेन चलाने की संभावना जताई गई है जबकि जोधपुर में नागौर रोड पर एजूकेशनल हब विकसित होने और पाली रोड पर विकसित हो रही टाउनशिप, हाईकोर्ट का नया भवन, एम्स बनने की वजह से इस मार्ग पर सिंगल लाइन मेट्रो ट्रेन चलाना उपयुक्त बताया गया है।
इस मेट्रो के चलने से यातायात का बड़ा हिस्सा व आधी आबादी इस सुविधा का लाभ उठा सकेगी। शहर के भीतर बढ़ते भूमिगत जल के कारण अंडरग्राउंड लाइन बिछाना फिजिबल भी नहीं है। इसी समस्या की वजह से यातायात दबाव के बावजूद सोजती गेट व शहर के भीतर, जालोरी गेट होते हुए मेट्रो चलाना संभव नहीं है।
क्या है मोनो और मेट्रो
मोनो रेल खंभों के ऊपर चलती है और इसके कोच की साइज काफी छोटी होती है। यह रेल के इंजन की टेक्नालोजी पर चलती है। इसकी लागत कम होती है जबकि मेट्रो की टेक्नोलाजी एडवांस होती है और इसमें कंट्रोल सिस्टम ज्यादा बेहतर होता है। तेज रफ्तार से दौड़ने वाली मेट्रो अंडर ग्राउंड में भी चल सकती है।
आईआईटी से पाली रोड तक मेट्रो ट्रेन
अगले सालों में शहर की सड़कों पर कितने व किस तरह के वाहन दौड़ेंगे, शहर का विकास किस दिशा में और किस तरह होगा, सर्वे मंे इस बात का ध्यान रखते हुए निष्कर्ष निकाला है कि नागौर रोड पर आईआईटी, सिविल एयरपोर्ट, साइंस पार्क व एनएफडी और पाली रोड के नजदीक एम्स बनने पर यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा।
ऐसे में नागौर रोड से पाली रोड तक मेट्रो चलाना उपयुक्त हो सकता है। यह ट्रेन मंडोर, नागौरी गेट, मेड़ती गेट, शिप हाउस, पावटा, हाईकोर्ट रोड, नई सड़क से होते हुए रातानाडा, इंजीनियरिंग कालेज, रिक्तिया भैरूजी चौराहा, न्यू कैम्पस, एम्स, बासनी, सरस्वती नगर होते हुए पाली रोड पर प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर तक चल सकती है।
इससे आईआईटी से लेकर एम्स तक तथा बासनी के इण्डस्ट्रीयल एरिया का यातायात कवर होगा। इस मार्ग पर रोजाना तीस हजार से अधिक यात्री सफर करने की उम्मीद जताई गई।










