कांग्रेस की साख, भाजपा को धक्का
वन, पर्यावरण एवं खनिज राज्य मंत्री रामलाल जाट मांडल पंचायत समिति में कांग्रेस को बहुमत दिलवा कर अपनी साख बचाने में सफल रहे, पर भाजपा के दो विधायकों की साख का ग्राफ गिरा है।
कांग्रेस विधायक प्रदीप कुमार सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की पंचायत समिति मांडलगढ़ में प्रतिष्ठा बरकरार रखी। विधायक महावीरप्रसाद जीनगर शाहपुरा में तो कांग्रेस को बहुमत दिलवाने में सफल रहे, बनेड़ा में मुकाबला बराबरी पर होने से अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रधान के चुनाव में इसे बचाने के दायित्व से वे बच नहीं सकते। उधर, भाजपा विधायक रामलाल गुर्जर अपने निर्वाचन क्षेत्र में आने वाली हुरड़ा व आसींद, विधायक शिवजीराम मीणा जहाजपुर पंचायत समिति में अपनी पार्टी को बहुमत नहीं दिलवा सके। सुवाणा पंचायत समिति क्षेत्र मांडल व सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में बंटा हुआ है। सुवाणा में पार्टी के पिछडऩे का मतलब दोनों विधायकों जाट व कैलाश त्रिवेदी की इस क्षेत्र में पकड़ कमजोर होना माना जा रहा है। कोटड़ी पंचायत समिति भी दो विधानसभा क्षेत्रों जहाजपुर व मांडलगढ़ में बंटी है। इसलिए स्पष्ट तौर पर यह कहना उचित नहीं होगा कि भाजपा विधायक शिवजीराम मीणा की इस क्षेत्र में पकड़ मजबूत नहीं रही।
रायपुर: प्रतिष्ठा बचाने की जद्दोजहद
रायपुर पंचायत समिति के 15 सदस्यों में से कांग्रेस को 5 पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं सहाड़ा में भी 15 में से 9 सीट भाजपा की झोली में जाने से सहाड़ा-रायपुर के कांग्रेसी विधायक कैलाश त्रिवेदी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। रायपुर में आठ सीटें लेकर भाजपा ने भले ही एक बार बढ़त बना ली हो, पर दो निर्दलीय ने उसकी नींद उड़ा दी है। गृह पंचायत समिति होने के कारण त्रिवेदी साख बचाए रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। दोनों निर्दलीय का साथ मिले और एक वोट का जुगाड़ हो जाए तो एससी वर्ग के लिए आरक्षित प्रधान की सीट कांग्रेस भाजपा से छीन भी सकती है।
कोटड़ी: हो सकती है भितरघात
उन्नीस सदस्यीय कोटड़ी पंचायत समिति में भाजपा सात, कांग्रेस 10 और निर्दलीय को 2 सीटें मिली है। कहने को भले ही कांग्रेस का बहुमत है, पर इसी दल में सामान्य श्रेणी की प्रधान सीट के लिए अंदर ही अंदर कशमकश है। अपनों को प्रधान बनाने के लिए पार्टी के ही पदाधिकारी किसी भी हद तक चले जाएं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं। ऐसे में दो निर्दलीय साथ दे तो भाजपा का आंकड़ा नौ हो जाएगा। फिर उसे चाहिए केवल एक वोट। इसके लिए कांग्रेस में कारसेवा हुई तो फिर दृश्य ही बदल जाएगा।
बनेड़ा: निर्दलीय तय करेगा प्रधान
सामान्य महिला प्रधान वाली बनेड़ा पंचायत समिति में भाजपा-कांग्रेस को बराबर 7-7 सीटें मिलीं। एक निर्दलीय के आने से अब मुकाबला रोमांचक हो गया है। कांग्रेस में पूर्व विधायक पराक्रम सिंह की पत्नी निर्मला कंवर, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष याकूब खां के छोटे भाई इस्लाम की पुत्रवधू शबनम बानो प्रधान की दौड़ में हैं। वहीं भाजपा में निवर्तमान उप प्रधान गजराज सिंह की पत्नी पुष्प कंवर तथा पूर्व प्रधान गोपाल जाट की पुत्रवधू ललिता देवी प्रबल दावेदार हैं। सभी ने निर्वाचित सदस्यों की बाड़ाबंदी भी की है। इनके सबके बावजूद वहां निर्दलीय ही तय करेगा कि प्रधान कौन बनेगा।










