Wednesday, Feb 10th, 2010, 7:03 am [IST]  
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danik bhaskarधूमधाम से बिराजेंगे श्रीलालाजी बाल स्वरूपों के संग

Matrix News

वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथद्वारा के गुर्जरपुरा मोहल्ले (प्राचीन प्रवेश द्वार) के भीतर स्थित श्रीलालाजी के नवनिर्मित मंदिर में 15 फरवरी को मांगलिक आयोजन होंगे। मंदिर सूत्रों के अनुसार गुर्जरपुरा में गुर्जर समाज की हवेली के समीप नीम वाली चौकी पर नवनिर्मित मंदिर में धूमधाम के साथ श्रीलालाजी व बालवरूपों के विग्रहों को बिराजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर गुर्जर समाज व मंदिर की ओर से तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। श्रीलालाजी प्रभु के संग शिव परिवार की मूर्ति स्थापना भी की जाएगी।

श्रीनाथजी मंदिर के राजपुरोहित कृष्णकांत पंड्या ने बताया कि 15 फरवरी को सुबह वर्तमान में स्थित मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें श्रीलालाजी को सुखपाल में बिराजित कर श्रीनाथ बैंड की अगुवाई में मंदिर परिक्रमा कराकर नवनिर्मित मंदिर तक लाया जाएगा। शोभायात्रा में भजन मंडली भजनों की रसधार बहाएगी, वहीं श्रीनाथ गार्ड, मंदिर के अधिकारी, सेवावाले व गुर्जर समाज के प्रतिनिधि समेत कई श्रद्धालु शरीक होंगे। इसके पहले विधि विधान से नवनिर्मित शिव मंदिर में शिव परिवार की (मूर्ति) स्थापना की जाएगी। बाद में हवन होगा। इसके बाद वैदिक मंत्रोचार के साथ श्रीलालाजी के संग बालस्वरूपों के विग्रहों को नवनिर्मित मंदिर में बिराजित किया जाएगा।

56 भोग अरोगाया जाएगा : नवनिर्मित मंदिर में बिराजित होने के उपलक्ष्य में श्रीलालाजी के संग बालस्वरूपों को ठाट—बाट से छप्पनभोग अरोगाकर लाड़ लड़ाए जाएंगे। मंदिर मंडल के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष फतहलाल गुर्जर ने बताया कि इस दिन करीब ढाई हजार लोगों के लिए प्रसादी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें गुर्जर समाज के साथ गुर्जरपुरा के निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा।

तिलकायत से करेंगे आग्रह : गुर्जर ने बताया कि नवनिर्मित मंदिर में होने वाले आयोजन के लिए तिलकायत राकेश महाराज से भी पधारने तथा बालस्वरूपों की आरती उतारने के लिए आग्रह किया जाएगा।

विस्तार योजना में हटेगा वर्तमान मंदिर : गुर्जरपुरा के प्राचीन दरवाजे के भीतर स्थित श्रीलालाजी का वर्तमान मंदिर बहुचर्चित मंदिर विस्तार योजना के दायरे में आने से हटाया जाएगा। गुर्जर समाज के इस मंदिर को हटाने की एवज में मंदिर मंडल ने सुंदर विलास के समीप समाज को जमीन दी है तथा गुर्जरपुरा में नया मंदिर बनवाया है। उल्लेखनीय है गोविंद चौक से गुर्जरपुरा होते हुए बड़ा बाजार तक की सड़क को चौड़ा किया जाएगा। वर्तमान मंदिर इसी सड़क की परिधि में आ रहा है। वर्तमान मंदिर हटने के बाद इस सड़क को चौड़ा करने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह सड़क अभी दस बारह फीट चौड़ी है, जिससे वर्षपर्यंत निकलने वाली शोभायात्रा, जुलूस के दौरान लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

श्रीजी प्रभु के घर से होती है सेवा : श्रीलालाजी मंदिर में प्रतिदिन की सेवा श्रीजी प्रभु के घर की तरफ से होती है। ...शेष & पेज ८

श्रीलालाजी के लिए श्रीजी प्रभु के घर से प्रतिदिन सकड़ी, अनसकड़ी भोग सामग्री आती है। ज्ञातव्य है कि वर्षों पूर्व गुर्जरपुरा दरवाजा नगर का प्रमुख प्रवेश द्वार था। कर्नल जेम्स टॉड इसी द्वार से होकर श्रीजी प्रभु के दर्शन करने गया था। तात्कालिक आचार्य (तिलकायत) ने अपने निजी स्वरूपों में से श्रीलालाजी के लघु स्वरूप को इस मुख्य प्रवेश द्वार पर पधराया तथा गोडिया वैष्णव को इनकी सेवा का कार्य सुपुर्द किया। तभी से इनके वंशज श्रीलालाजी की सेवा करते आ रहे हैं। वर्तमान में ललित वैरागी इनको नितनेम से राग, भोग व शृंगार सेवा के लाड़ लड़ा रहे हैं। प्रतिवर्ष जलझूलनी एकादशी पर श्रीलालाजी रामरेवाड़ी के रूप में नगर की यमुना स्वरूप बनास नदी पर विहार करने भी पधारते हैं।

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