नहीं सुलझी हत्या की गुत्थी
जोधपुर. सरदारपुरा निवासी भरत कलवानी की हत्या के मामले में शहर पुलिस चार दिन में भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। और ऐसा यह अकेला मामला नहीं है। एक दर्जन से भी ज्यादा मामलों की पत्रवालियों पर धूल जमती जा रही है, जिनके बारे में पुलिस कोई बात नहीं करना चाहती।
चार दिन पहले भरत का अधजला शव मिलने के बाद इसे प्रथम दृष्ट्या हत्या का मामला माना गया और अब उसी मामले में एफएसएल टीम के सदस्यों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए इसे खुदकशी सिद्ध करने में जुटी हुई है। शहर व ग्रामीण जिला पुलिस के विभिन्न थानों में ऐसे कई मामले हैं, जो या तो आज तक खुल ही नहीं पाए हैं और जो खुल भी गए हैं तो उनमें आरोपियों को गिरफ्तार करने से परहेज किया जा रहा है।
शास्त्री नगर थाने से चंद कदमों की दूरी पर शनिवार सुबह भरत कलवानी का शव मिलने के बाद शहरवासी खौफ के साये में है। इस लोमहर्षक घटना के चार दिन बाद भी पुलिस यही कह रही है कि ‘सबूत जुटाने में व इसे उचित दिशा दी जा रही है, लेकिन यह दिशा कब और कैसे तय होगी, इसका जवाब उसके पास नहीं है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है और उसमें भरत की मौत का असली कारण पता चल गया है। रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया कि भरत के बदन पर लगी आग का प्रभाव शरीर में गहराई तक हुआ और उसी वजह से उसकी मौत हुई। शरीर पर चोट का निशान नहीं था और वह खाली पेट था।
छह माह से एक कदम नहीं चले
निकटवर्ती पाल गांव में पिछले वर्ष 10 अगस्त को शंखली (२६) पत्नी शंकरराम प्रजापत की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस गुत्थी को शहर पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई है। इसकी जांच कई बार बदली जा चुकी है। जांच अब उप अधीक्षक के अधिकारी के पास है, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
दामाद की हत्या पर पर्दा
देचू थाना हलके में 5 जनवरी को ससुराल गए पदमाराम की 8 जनवरी को हत्या कर दी गई। हत्या के बाद उसका शव झोंपड़े में रस्से से लटका दिया। उसके परिजनों की रिपोर्ट पर भारी दबाव के बाद ससुरालवालों के खिलाफ 10 जनवरी को हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन एक माह से इस हत्या पर पर्दा पड़ा है।
कहां है दादी को मारने वाला?
सूरसागर थाना क्षेत्र के गांव केरू में 25 जनवरी की शाम केसीदेवी के सिर पर सरिए से वार कर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के अनुसार उसके पोते प्रेमाराम का मोबाइल कंपनी के टॉवर के किराए की बात पर दादी से झगड़ा हुआ था। तब से आरोपी फरार है। पुलिस को उसे ढूंढ़ने की फुरसत नहीं है।
‘अपने’ को ही नहीं पकड़ पा रही
गत वर्ष 21 मई को महामंदिर थाना परिसर में रहने वाले खांडा फलसा थाने के सिपाही भजनाराम के घर से पुलिस ने मादक पदार्थ बरामद किए। इस प्रकरण में उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था, लेकिन पुलिस अब तक उस ‘अपने’ को पकड़ पाने में नाकाम रही है।










