महिला से आदर से पेश आए पुलिस: हाईकोर्ट
मुंबई. शिकायत दर्ज कराने आने वाली महिलाओं के साथ पुलिस आदर से पेश आए। मुंबई हाईकोर्ट की न्यायाधीश रंजना देसाई और मृदुला भटकर की खंडपीठ ने इस प्रकार की नसीहत एक मामले की सुनवाई करते हुए मुंबई पुलिस को दी है।
राखी (बदला हुआ नाम) नामक युवती ने मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राजेश राजपूत नामक व्यक्ति पर खुद को जबरदस्ती देह व्यापार के धंधे में ढकेलने का आरोप लगाया था। इस युवती ने अदालत को बताया कि वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल ही है और उसे राजेश के हाथों बेच दिया गया था।
जब वह राजेश के चंगुल से किसी तरह छूट कर पश्चिम उपनगर के मालाड पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो पहले पुलिस कर्मियों ने उसकी शिकायत को अनदेखा करने की कोशिश की और बाद में मारपीट हमला करने और अतिक्रमण करने जैसे मामूली धारा के तहत शिकायत दर्ज की।
राखी के मामले की सुनवाई के दौरान मालाड पुलिस स्टेशन में एक भी महिला पुलिस कर्मी की तैनाती न होने की जानकारी मिलने पर मुंबई हाईकोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया है। अदालत ने अब मुंबई पुलिस आयुक्त से शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जानकारी मांगी है।
इसके साथ ही पुलिस को राजेश राजपूत के बारे में भी जानकारी देने को कहा है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि आम आदमी की धारणा है कि लगभग सभी पुलिस स्टेशन में कम से कम एक महिला पुलिस कर्मी निश्चित ही रहती है। सरकारी वकील ने अदालत द्वारा मांगी गई जानकारी देने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी है।










