परीक्षा सिर पर कोर्स अधूरा
कार्यालय संवाददाता & विदिशा
राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश से फरवरी में शुरू हो रहीं परीक्षाओं के कारण पालक टेंशन में आ गए हैं। परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और कोर्स पूरा नहीं हो सका है। पालक इस बात से चिङ्क्षतत है कि कहीं उनके बच्चों का रिजल्ट बिगड़ नहीं जाए। ऐसे में बच्चों का कोर्स फटाफट पूरा करवाया जा रहा है।
इस बार सरकारी स्कूलों में पांचवी से लेकर आठवीं कक्षाओं तक की परीक्षा १९ फरवरी से शुरू हो रही हैं। कोर्स पूरा नहीं हो पाया और परीक्षाएं सिर पर आ गई हैं। हालत यह है कि जिले के ज्यादातर स्कूलों में कोर्स अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
अधूरा है कोर्स
करीबन सभी विषयों का कोर्स अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। अंदरकिला निवासी सुदर्शन शर्मा बताते हैं कि उनके दो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। जहां कक्षा पांच और सात के गणित विषयों की कुछ यूनिट को अभी तक छुआ तक नहीं है। वहीं स्कूल वालों ने परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। कोर्स पूरा करवाने के चक्कर में रिवीजन कराना कठिन हो रहा है। लिहाजा बच्चों की पढ़ाई के मामले में परेशानी दिख रही है।
सरल पेपर आने की आशा
पहली बार फरवरी में यह परीक्षाएं हो रही हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं के सामने परेशानी खड़ी हो रही है कि उनका रिजल्ट कैसा रहेगा। इसके अलावा कोर्स अधूरा होने से छात्र-छात्राओं को आशा है कि उनका पेपर सरल आए तो ठीक रहेगा। कक्षा आठ के छात्र शुभम चौरसिया का कहना है कि कोर्स पूरा नहीं हुआ है इसलिए पेपर सरल आना चाहिए।
मार्च में मनेगी छुट्टी
फरवरी में परीक्षाएं खत्म होने से मार्च का महीना बच्चों के लिए छुट्टियों से भरा हो जाएगा। पालकों का कहना है कि हर बार मार्च के आखिर तक परीक्षाएं चलती रहती थी और रिजल्ट घोषित होता था। इस बार फरवरी में ही रिजल्ट आ जाएगा इसके बाद बच्चे क्या करेंगे यह भी चिंता का विषय है।
इसलिए हो रही हैं जल्दी परीक्षाएं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में १० वीं और १२ वीं की परीक्षाएं हो रही हैं। पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं समाप्त होने से इन कक्षाओं के शिक्षकों पर भार कम हो जाएगा। जिससे इन शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाई जा सकेगी।










