Wednesday, Feb 10th, 2010, 7:51 am [IST]  
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danik bhaskarभ्रष्टाचार पर बरसे आईएएस अफसर

Bhaskar News

भोपाल. मप्र आईएएस ऑफीसर्स एसोसिएशन ने आयकर छापे में प्रमुख सचिव अरविंद और टीनू जोशी तथा अन्य अधिकारियों के यहां बेहिसाब संपत्ति मिलने के मामले की निंदा की है। एसोसिएशन ने भ्रष्ट अफसरों की निंदा का प्रस्ताव पारित करने के अलावा ऐसी घटनाएं रोकने और प्रशासनिक कसावट के लिए शीघ्र ही सरकार को लिखित सुझाव देने का फैसला भी किया है। इसमें महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय तक एक ही अफसर पदस्थ रखने पर रोक लगाने और पदस्थापना में वरिष्ठता का ध्यान रखने जैसे सुझाव शामिल होंगे।



इस बारे में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से किए गए वादे पर अमल करते हुए मंगलवार को एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें अध्यक्ष संदीप खन्ना, संयुक्त सचिव संतोष मिश्र, कार्यकारिणी सदस्य संजय दुबे, जब्बार ढाकवाला के अलावा दीप्ति गौड़ मुकर्जी, संजय शुक्ल, वायएस निरंजन आदि मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक बैठक में एसोसिएशन द्वारा पारित प्रस्ताव में हाल ही में आयकर छापों में सामने आईं जानकारी की निंदा की गई।



यह भी संकल्प लिया गया कि संगठन विकास के लिए समर्पित रहेगा और व्यवस्था की उन खामियों को दूर करने का प्रयास करेगा, जिनके चलते ऐसी स्थिति बनती है। एसोसिएशन ने आत्म अवलोकन करते हुए व्यवस्था में सुधार के सुझाव तैयार करने का निर्णय लिया।



पांच साल तक एक ही पद पर क्यों
सूत्रों के मुताबिक बैठक में कहा गया कि जल संसाधन जैसे अरबों के बजट वाले महकमे में अरविंद जोशी को लगातार पांच साल से प्रमुख सचिव क्यों बनाए रखा गया? परिवहन आयुक्त तथा अन्य कई अत्याधिक महत्वपूर्ण पदों पर भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति क्यों रखी गई? पद लंबे समय तक खाली रहने, सचिव स्तर के अफसरों को कलेक्टर बनाए रखने और गड़बड़ियों के चलते हटाए गए अधिकारियों को फिर अहम पोस्टिंग दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए। करीब एक घंटा चली बैठक में तय हुआ कि तीन सप्ताह में सुझाव सरकार को सौंप दिए जाएं।



सीबीआई जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस ने आयकर छापे में उजागर सबसे बड़े भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराने पर जोर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का लचर प्रशासन ही इसके लिए जिम्मेदार है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी, कांग्रेस विधायक डॉ. गोविंद सिंह और प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा द्वारा मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा गया कि मंत्रियों की अक्षमता के कारण नौकरशाही के हौसले बुलंद हैं, जिससे पूरा प्रशासन तंत्र आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। डॉ. सिंह ने कहा कि अकेले जल संसाधन विभाग में ही 1000 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है।

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