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Ajmer Zila
Kishangarh
लोक कलाकारों ने बताई समस्याएं
समाज कार्य अनुसंधान केंद्र तिलोनियां में 9वें लोक उत्सव के तीसरे दिन राज्य सरकार के पर्यटन विभाग की सचिव ऊषा शर्मा व कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव उमराव सलोदिया ने लोक कलाकार की मुख्य समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान की बात कही।
कॉलेज के मिटिंग हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में राजस्थान के लंगा मंगणियार, सिंधी, मेवाती, कलाकारों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि फलौदी के लाखा खां ने बताया कि हमारे गांव में स्कूल नहीं है। जिसके कारण कलाकार आगे पढ़ नहीं पा रहे हैं। और स्कूलों में टीचर भी नहीं आते हैं। जैसलमेर के छोटा गाजी खां ने बताया कि पूरे देश में सबका वेतन बढ़ा है। लेकिन आज तक कलाकारों का वेतन, भत्ता नहीं बढ़ा। आज भी इन कलाकारों को वो पहले वाले ही भत्ते दिए जा रहे हैं। जो इस महंगाई को देखते हुए काफी कम है। कालबेलिया जाति की महिला कलाकार केसी ने बताया कि न तो उनके पास रहने को जमीन नहीं है और न ही खाने को है। आज हमें घर के बाहर से दुत्कारा जाता है। गाजी खां ने कलाकारों के लिए कला भवन बनाने की मांग उठाई। आज कलाकारों के पास न तो भूमि है और न ही शिक्षा। पदमा राम मेघवाल ने पानी की समस्या रखते हुए बताया कि हमारे पशुओं को भी चार चार दिन से पीने का पानी मिलता है। इसके अलावा कलाकारों ने रोजगार गारंटी, आवासीय संगीत विद्यालय, स्वास्थ्य, पेंशन, कलाकार भवन, मेला, लोक उत्सव कलाकार शिविर, संवाद, मूलभूत सुविधाओं तक कलाकारों की बेहतर पहुंची होनी चाहिए। इन्होंने समस्याओं का एक हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन भी इन दोनों सचिवों को सौंपा गया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की सचिव ऊषा शर्मा ने कहा कि मैं आपकी सभी बातें जयपुर ले जाकर मंत्री से बात करूंगी और आपकी हर समस्या पर गंभीरता पूर्वक विचार करने की बात कही। इस अवसर पर अरूणा राय, निखिल डे, शंकर सिंह, पूयूसीएल इकाई अजमेर के अध्यक्ष डीएल त्रिपाठी के अलावा रतन देवी वैष्णव, रफीक, भंवर सिंह, रामकरण, चैन सुख, मोना पंवार सहित बड़ी संख्या में लंगा मंगणियार व अन्य कलाकार मौजूद थे।










