गेहूं को टॉनिक, सरसों में दवा
भास्कर न्यूज & करनाल
जिले में झमाझम हुई बारिश से जहां प्रकृति नहा गई, वहीं बारिश की बंूदे गेहंू के लिए टॉनिक और सरसों पर दवा बनकर गिरीं। गेहंू की फसल में बढ़वार अच्छी होगी और सरसों का चेपा (अल) जैसी बीमारी से बचाव होगा। बारिश ने गेहंू की फसल को तरोताजगी से भर दिया है। जिले में 1 लाख 72 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहंू की फसल बारिश का पानी पाकर लहला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहंू की जो फसलें अब तक कमजोर थीं, उनके लिए यह खाद का काम करेगी। बारिश ऐसे मौके पर हुई, जब फसलों को उसकी निहायत जरूरी थी। बारिश का यह पानी सीधे फसलों की जड़ों तक पहुंचा है। तेज हवा के कारण गेहूं की कुछ अगेती फसलें गिर गई हैं, लेकिन इनमें नुकसान की कोई संभावना नहीं है।
एक पानी की हुई बचत : किसान जोगेंद्र सिंह, जितेंद्र डोडा व रामकिशन पाल का कहना है कि बरसात सही समय पर हुई है। इससे जहां एक पानी की बचत हुई, वहीं बारिश का पानी अतिरिक्त खुराक का काम करेगा। बारिश हो जाने से गेहंू में फंगस व सरसों में चेपा रोग की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
झमाझम बारिश से बढ़ी ठंडक
करनाल& दो दिन से हो रही बारिश से मौसम में फिर से ठंडक बढ़ गई है। सोमवार रात से लेकर मंगलवार सुबह तक 14.6 एमएम बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में एक डिग्री व न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले 24 घंटे के दौरान मौसम साफ रहेगा।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16.2 ंिडग्री सेल्सियस रहा था। मंगलवार को हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 88 व शाम को 39 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि वेपर प्रेशर सुबह के समय 9.0 व शाम के समय 10.5 एमएम दर्ज की गई। इस दौरान हवा की स्पीड औसत 5.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें लोग : सिविल अस्पताल के
वरिष्ठ फिजिशियन डा. संजीव ग्रोवर ने बताया कि मौसम के इस बदलाव से वायरल फैलने का खतरा बना हुआ है। इससे खांसी, जुकाम, बुखार हो सकता है। इसलिए लोगों को ध्यान रखने की जरूरत है। कपड़ों के अलावा खान-पान पर भी पूरा-पूरा ध्यान देना चाहिए।










