Wednesday, Feb 10th, 2010, 11:15 am [IST]  
  • + comment
  • |
  • +Share

danik bhaskarखिलाडिय़ो के पदमश्री-पदमभूषण शोपीस न बने: ध्यानचंद

बैतूल. पूर्व ओलंपियन एवं हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के पुत्र अशोक का मानना है कि हॉकी की दुर्दशा किसी और खेल के कारण नहीं फेडरेशन की नाकामियत के चलते हो रही है। फेडरेशन की कमान ऐसे लोगों को संभालना चाहिए जो खेल की विचारधारा से जुडे हो ना कि किसी राजनीतिक पार्टी से। उन्होने कहा कि खिलाडिय़ों को मिलने वाले पदमश्री एवं पदमभूषण मात्र शोपीस न बने। इसका भी ध्यान सरकार को रखना चाहिए। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में एसएस तोमर स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के समापन में शामिल होने आए पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हॉकी खिलाडियो को दी गई सहायता की सराहना करते हुए कहा कि देश का हर मुख्यमंत्री यदि शिवराज सिंह चौहान की तरह हॉकी सहित अन्य खेल को संरक्षण एवं सहयोग दे तो खेल एवं खिलाडियो को किसी के रहमोकरम पर रहने की आवश्यकता नहीं पडेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि लगातार 3 साल तक 50- 50 महिला- पुरूष हॉकी के नेशनल खिलाडिय़ो को 25-25 हजार रूपए की सहायता देंगे। उन्होने कहा कि पहले खिलाडी राष्ट्र के गौरव के लिए खेलते थे लेकिन आज के माहौल में उसे इस गौरव के साथ पैसो के लिए भी खेलना पड रहा है। फेडरेशन द्वारा पैसो का सही बंटवारा नहीं होने से सही समय पर हॉकी खिलाडियो ने अपनी आवाज को बुलंद कर सम्मानजनक न्याय पाया है।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: